पुलिस ने नहीं सुनी पीड़िता की फरियाद, तब अदालत ने दिया आदेश
चौक क्षेत्र के सिहुली परसा गांव का मामला
चौक बाजार। अदालत के आदेश पर सिहुली परसा गांव में भूमि विवाद में महिला से मारपीट, घर में घुसकर तोड़फोड़ और दुधमुंही बच्ची को खेत में फेंकने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में मंगलवार को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पिंकी (25) ने मामले में पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/त्वरित न्यायालय प्रथम, महराजगंज के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर बताया कि दो फरवरी की सुबह गांव के ही बाढू पुत्र शिवपूजन समेत दस लोगों ने एक राय होकर उसके घर पर हमला कर दिया। मकान पर कब्जे के विवाद को लेकर कहासुनी के बाद आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए घर में घुसकर मारपीट की।
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उसे बाल पकड़कर घसीटा और घर में रखा सामान तोड़ दिया। मारपीट में उसे गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि हमलावरों ने उसकी गोद से दुधमुंही बच्ची को छीनकर खेत में फेंक दिया, जिससे बच्ची की हालत गंभीर हो गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह उसकी जान बचाई।
महिला का कहना है कि उसने घटना की शिकायत चौक थाने में की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी सुनवाई नहीं हुई। अंततः उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले को गंभीर प्रकृति का मानते हुए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई शुरू कर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
थानाध्यक्ष चौक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बाढू, गायत्री, पुष्पा, अमर सिंह, सुनीता, मनीषा, सागर, बाघे, भगवंत व एक अज्ञात समेत 10 आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।