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Maharajganj News: चप्पल कांड में भाजपा नेता और उनकी मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

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18 मार्च काे भाजपा कार्यालय में मनोनीत सभासद के साथ दुर्व्यवहार मामले में पुलिस ने की कार्रवाई
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किरकिरी से बचने को बैकफुट पर भाजपा, दोनों पक्षों पर कार्रवाई की तैयारी, कांग्रेस ने भी कसा तंज

नौतनवा (महराजगंज)। भाजपा कार्यालय में मनोनीत सभासदों के सम्मान समारोह के दौरान हुआ ‘चप्पल कांड’ तूल पकड़ता जा रहा है। रुपयों के लेनदेन को लेकर पार्टी के ही दो पदाधिकारियों के बीच मारपीट और अभद्रता के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को मनोनीत सभासद बृजेंद्र श्रीवास्तव की तहरीर पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री सुधांशु उर्फ राजन वर्मा और उनकी मां निर्मला वर्मा के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
उधर, भाजपा के इस आंतरिक कलह पर विपक्ष ने भी हमले शुरू कर दिए हैं। एक दिन पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर भाजपा की नीतियों पर हमला करते हुए पोस्ट की थी तो शुक्रवार को कांग्रेस ने भी इस पूरे विवाद को भाजपा के भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए तंज कसा है।
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समारोह में हंगामा, चप्पल तानने तक पहुंचा विवाद :
घटना 18 मार्च की है, जब भाजपा कार्यालय में मनोनीत सभासदों के सम्मान का कार्यक्रम चल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान सुधांशु वर्मा और उनकी मां निर्मला वर्मा ने 4.5 लाख रुपये की मांग को लेकर बृजेंद्र श्रीवास्तव के साथ दुर्व्यवहार किया। बात इतनी बढ़ गई कि निर्मला वर्मा ने सभासद पर चप्पल तक तान दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।
विपक्ष का हमला, कांग्रेस बोली-‘थप्पड़ प्रसाद’ : घटना को लेकर विपक्षी दल हमलावर हो गए हैं। सपा के बाद कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इस प्रकरण को ‘बधाई कार्यक्रम में थप्पड़ का प्रसाद’ करार देते हुए लिखा कि यह थप्पड़ सिर्फ एक मनोनीत सभासद पर नहीं, बल्कि भाजपा के दफ्तर तक पहुंचे भ्रष्टाचार पर भी है।
भाजपा ने बनाई दूरी, कार्रवाई के संकेत :
उधर, मामले में बढ़ती किरकिरी को देखते हुए भाजपा अब इसे व्यक्तिगत विवाद बताकर किनारा करती नजर आ रही है। जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने साफ कहा कि यह दोनों पदाधिकारियों का निजी लेनदेन का मामला है, पार्टी से इसका कोई संबंध नहीं है। हालांकि, उन्होंने इसे ‘अक्षम्य कृत्य’ बताते हुए दोनों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है और पार्टी स्तर पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। नगर अध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि व्यक्तिगत मामलों को लेकर पार्टी कार्यालय पर किया गया हंगामा निंदनीय है। इसके कारण पार्टी एवं अन्य पदाधिकारियों की भी छवि धूमिल हुई है। यह हरगिज बर्दाश्त किए जाने योग्य नहीं है। भविष्य में ऐसा न हो इसलिए इस मामले में दोनों पदाधिकारियों के विरुद्ध पार्टी स्तर से कार्रवाई के लिए जिलाध्यक्ष को पत्र लिखेंगे।
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दोनों पक्ष आमने-सामने
मनोनीत सभासद बृजेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि मुकदमा दर्ज हो चुका है और वह न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, सुधांशु उर्फ राजन वर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों ने आपस की बात को समझौते से निपटाने को कहकर रोक रखा था। अब मामला व्यक्तिगत हो चुका है। मैं भी थाने में तहरीर देकर न्याय की मांग करेंगे।
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