कपड़े बेचने से महिलाओं की दूर हुई आर्थिक तंगी
महराजगंज। समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। फेरी लगाकर कपड़े बेचकर कई महिलाओं ने आर्थिक तंगी दूर कर ली है। इससे न सिर्फ घरेलू कामकाज आसानी से चलता है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई बेतहर हो रही है।
शहर के चिऊरहां मोहल्ले में श्वेता स्वयं सहायता समूह है। इससे 10 महिलाएं जुड़ी हैं। समूह का गठन 26 अगस्त 2016 में हुआ था, लेकिन कामकाज वर्ष 2017 में शुरू हुआ। समूह की अध्यक्ष सुनीता कहती हैं कि समूह की सदस्य फेरी लगाकर साड़ी बेचती हैं। महिलाओं का अलग-अलग क्षेत्र बंटा है। आने वाले दिनों में एक टेंपो की व्यवस्था की जाएगी, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में साड़ी बेचना आसान हो जाएगा। समूह में सरिता, मांशी, द्रोपदी, अन्नपूर्ण लेखाजोखा रखती हैं। प्रत्येक महिला सदस्य की आमदनी 10 हजार रुपये एक माह में होती है। लॉकडाउन के दौरान कामकाज एक ठप हो गया था।
कोषाध्यक्ष दीपा ने बताया कि गोरखपुर एवं कानपुर से साड़ी मंगाया जाता है। एक बार 40 से 50 हजार रुपये की साड़ी मंगाई जाती है। मांग के अनुसार खपत होती है। शहर के अलावा चौक, बागापार, सिंदुरियां, निचलौल, शिकारपुर समेत अन्य क्षेत्रों में फेरी लगाकर साड़ी की बिक्री की जाती है। महिला सदस्य चार बजे तक घर लौट आती हैं। सदस्य पुनीता, अंजू, माया, काजल, शोभा ने बताया कि घरेलू कामकाज के बाद साड़ी की बिक्री करने जाती हैं। महिला प्रशिक्षण सेवा संस्थान की सचिव सरोज पांडेय कहती हैं कि फेरी लगाकर कपड़े बेचने में महिलाओं को अच्छी आमदनी हो रही है। यह मेहनत का काम है, लेकिन समूह से जुड़ी सदस्य पूरे मनोयोग से काम में जुटी हैं।