महराजगंज। शासन ने पानी में डूबने या सर्पदंश से मृत्यु को राजकीय आपदा में शामिल किया है। मृतक आश्रितों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें पोस्टमार्टम जरूरी होता है।
सीडीओ ने शासन के निर्देश से अवगत कराते हुए बताया कि सत्यापन व संस्तुति का अधिकार डीएम के हाथ में होने से आर्थिक सहायता का लाभ एक सप्ताह के भीतर ही मिल सकेगा।
महराजगंज जनपद में वन्य क्षेत्र व नदी तालाबों की अधिकता है। मानसून सत्र में डूबने और सर्पदंश से मृत्यु के मामले बढ़ जाते हैं। जानकारी के अभाव में बिना प्रशासनिक कार्रवाई के परिजन अंतिम संस्कार कर देते हैं।
शासन ने नई व्यवस्था के राहत राशि देने का निर्देश जारी किया है। इसमें लिखा गया है कि पोस्टमार्टम में विसरा रिपोर्ट जरूरी नहीं है क्योंकि विसरा की जांच में सर्पदंश प्रमाणित नहीं होता है। ऐसे में विसरा सुरक्षित किए जाने का कोई मतलब नहीं रहता। इससे मृतक के परिजनों को काफी राहत मिलेगी और उन्हें बेवजह का परेशान नहीं होना पड़ेगा।