किसानों का आरोप- बघेला नाला की सफाई ठीक से नहीं होने से खेतों में डूब रही फसल
नेपाल की पहाड़ों से निकलकर रेहरा के सामने बहता है बघेला नाला
परसामलिक। नौतनवां ब्लॉक क्षेत्र के सीमावर्ती गांव रेहरा के सामने नेपाल की पहाड़ों से निकलकर बघेला नाला बहता है। बीते दिनों बघेला नाला का जलस्तर बढ़ने से 35 एकड़ फसल डूब गई। अब दो दिन से जलस्तर घटने से कीचड़ से पूरा खेत पट गया है। किसानों को अब फसल के खराब होने की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि नाले की ठीक से सफाई न होने के कारण यह समस्या हुई है।
जानकारी के अनुसार, परसामलिक थाना क्षेत्र के रेहरा गांव के पास से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाला बघेला नाला किसानों के लिए अभिशाप साबित होता रहा रहा है। सिंचाई विभाग ने बघेला नाला में झाड़-झंखाड़ की साफ-सफाई के लिए ड्रोन कैमरा व लेबुल मशीन से कई बार सर्वे कराया लेकिन ठीक से सफाई नहीं की गई। यदि नाले की सफाई ठीक से हुई होती तो पानी का बहाव भी नीचे की ओर रहता और पानी फैलता नहीं।
प्रतिवर्ष बरसात के समय बघेला नाला की बाढ़ से कई एकड़ धान की फसल जलमग्न हो नष्ट हो जाती है। बघेला नाला के समीप बसे गांव रेहरा, महुलानी, बेलभार, मनिकौरा, शंकरपुर, सेखुआनी, शिवपुरी, बिषखोप, परसा भरटोलिया, श्रीरामपुर, गंगापुर, गंगवलिया, जिगिना, पिपरवास, करौता, चुड़िहारी, बरनहवा, चकदह, शाहपुर सहित आदि गांवों के सिवान में बघेला नाला का बाढ़ का पानी फैलकर फसल को जलमग्न कर बर्बाद कर रहा है।
बघेला नाला के समीप बसे किसान जयकिशुन यादव, महबूब अली, संजय यादव, रामबचन यादव, रामबेलास यादव, जयप्रकाश सिंह, शमशाद खान, दयाराम यादव,गया पासवान, प्रदीप यादव सहित आदि लोगों ने बताया कि अगर बघेला नाला की झाड़-झंखाड़ की साफ-सफाई सिंचाई विभाग ने करा दी होती तो आज धान की फसल जलमग्न हो कर बर्बाद नहीं होती। गतिराम साहनी ने कहा कि हम लोगों को यह परेशानी हर साल झेलनी पड़ती है।
वर्जन
सिंचाई विभाग द्वारा बघेला नाला की साफ-सफाई नहीं कराने से बाढ़ का पानी नीचे के तरफ नहीं जा रहा है। नाला का पानी धान की फसल को जलमग्न कर नष्ट कर दे रहा है। इससे फसल का उत्पादन प्रभावित होगा।
-जयकिशुन यादव, बेलभार
बघेला नाला झाड़-झंखाड़ से पट कर संकरा हो गया है। इससे धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो रही है। सिंचाई विभाग जब नाला की सफाई के लिए ड्रोन कैमरा व लेबुल मशीन से सर्वे करा रहा था तो उम्मीद जगी थी लेकिन सर्वे कागजों में ही सिमट कर ही रह गया।
-रामबेलास यादव, परसा भरटोलिया
वर्जन
नाले की सफाई कराई गई थी। अगर कहीं किसानों को कोई समस्या हो रही है तो उसका समाधान करा दिया जाएगा।
-जितेंद्र कुमार पटेल, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग खंड-2