14 अगस्त को मार्ग दुर्घटना में घायल हुए थे बुजुर्ग, मेडिकल कॉलेज में चल रहा था इलाज
सोमवार को बहू मंजू की तबीयत बिगड़ी तो उसे मेडिकल कॉलेज में कराया गया था भर्ती
परतावल। हादसे का शिकार हुए परतावल थानाक्षेत्र के सुमेरगढ़ निवासी बुजुर्ग का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। दो दिन बाद यानी सोमवार को भी उनकी बहू गंभीर रूप से बीमार होकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो गई। सोमवार की रात में ससुर व बहू दोनों की 20 मिनट के अंतराल में मौत हो गई। परिवार में चीख-पुकार मची हुई है।
जानकारी के अनुसार, सुमेरगढ़ निवासी राम उग्रह (65) मंगलपुर चौराहे पर मूंगफली बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका बड़ा बेटा अशरफी परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया हुआ है। घर पर उनकी बहू मंजू (45) बच्चों के साथ रहती थी। परिवार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राम उग्रह के कंधों पर थी।
बीते 14 अगस्त की शाम राम उग्रह चौराहे से मूंगफली बेचकर बाइक से घर लौट रहे थे। नहर से कुछ आगे पहुंचने पर बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई और वह अचेत हो गए। सूचना पर पहुंचे परिजन ने उन्हें गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सोमवार की देर रात में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
20 मिनट बाद बहू की भी हो गई मौत
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में राम उग्रह के इलाज के दौरान जरूरी कागजात लेने के लिए घर से बाहर निकली उनकी बहू मंजू की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। उनकी तबीयत को गंभीर बताकर सोमवार को ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया। सोमवार की देर रात में रामउग्रह की मौत मौत के करीब 20 मिनट बाद मंजू की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को दोपहर में बहू और देर शाम ससुर के शव का गोरखपुर के बरगदही मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया।