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Maharajganj News: जंगली सूअर व साही के आतंक से किसान परेशान

Sat, 14 Dec 2024 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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13सीटीके24..बस अड्डे पर तैयार किया गया बाजार। संवाद
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नगर निगम की ओर से नए बस स्टैंड के नजदीक साढ़े 17 लाख रुपये की लागत से साझा बाजार बनाया गया है, जहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपना उत्पाद बनाकर बेच सकेंगी। शनिवार सुबह लखपति दीदी योजना के तहत 10 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 10 पोटा केबिन वितरित करेंगे। शुक्रवार को निगम की सीपीओ ब्रांच योजना की तैयारियां में जुटी रही।
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सरकार की लखपति दीदी योजना के तहत महिला आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में नगर निगम ने एक और कदम उठाया है, क्योंकि समृद्ध और सशक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए महिलाओं और पुरुषों को एक साथ आगे आने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में मुख्यमंत्री ने 19 अगस्त 2023 को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजीएस ) को आत्मनिर्भर बनाने व उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए नगर निगम ने नए बस स्टैंड के पास साझा बाजार विकसित किया है।
एचएसवीपी से ली गई जमीन, साढ़े 17 लाख आई लागत
नगर निगम ने नए बस स्टैंड के सामने एचएसवीपी से जमीन ली है, जहां साढ़े 17 लाख की लागत से साझा बाजार स्थापित किया गया है। केंद्र सरकार की शहरी गरीब उन्मूलन संबंधित स्कीम दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों को नगर निगम पोटा केबिन उपलब्ध करवा रहा है। फिलहाल नगर निगम शहर के 10 स्वयं सहायता समूहों को शनिवार को निकाय मंत्री विपुल गोयल के हाथों से पोटा केबिन दिलवाएंगे।
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दो स्वयं सहायता समूह हर माह कमा रहे 30 से 35 हजार रुपये
महिलाओं के दो स्वयं सहायता समूह पहले से काम कर रहे हैं। नगर निगम ने कार्य के लिए जनस्वास्थ्य विभाग से बात की। जनस्वास्थ्य विभाग को दोनों ग्रुप की महिलाएं हर रोज पानी लीकेज से लेकर पीने के पानी के सैंपल उपलब्ध करवाती हैं। ऐसे में ग्रुप को 30 से 35 हजार रुपये की मासिक आमदनी हो रही है।

नियमों के तहत कम से कम 10 महिलाएं योजना के तहत स्वयं सहायता समूह बनाएं। हर महिला के परिवार की सालाना आय 2 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ग्रुप ऑनलाइन राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत करवाएं। सभी बैंक अकाउंट व आधार होना चाहिए। इसके बाद ग्रुप का एक साझा बैंक खाता खोला जाएगा। हर माह बैठक अनिवार्य है। तीन माह बाद सरकार ग्रुप को 10 हजार रुपये अनुदान राशि देती है। साझा बाजार में फिलहाल शहर के 10 स्वयं सहायता समूहों को पोटा केबिन दिए जा रहे हैं। बाकी 20 और पंजीकृत होने पर समय-समय पर पोटा केबिन दिए जाएंगे।
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- जगदीश चंद्र, सीपीओ नगर निगम।
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