निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र में संचालित सरकारी क्रय केंद्रों पर इन दिनों गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त है। वजह यह है कि बाजार में गेहूं का मूल्य सरकार की तरफ से घोषित समर्थन मूल्य से अधिक है। जहां पर किसान अपना गेहूं व्यापारी को बेचकर तत्काल पैसा पा जा रहे हैं। ऐसे में संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों के सख्ती से क्रय केंद्र प्रभारियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।सोमवार दोपहर में चिलचिलाती धूप के बीच किसानों से गेहूं खरीद के लिए विपणन निरीक्षक पंकज सिंह कांटा और बोरा लेकर सिरौली गांव में पहुंच गए। जहां पर वह किसान तारा प्रसाद पटेल के दरवाजे पर पहुंच गेहूं तौल कराने के लिए गुहार लगाने लगे।
इस दौरान किसान ने बाजार भाव के बढ़ते दाम को देखते हुए गेहूं देने से पल्ला झाड़ने लगे। उसके बाद विपणन निरीक्षक ने कहा कि किसान भाई मेरी मजबूरी समझिए...गेहूं मुझे दे दीजिए। मैं दरवाजे पर गेहूं तौल कराने के बाद लेकर चला जाऊंगा। आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। वहीं किसान दरवाजे पर पहुंचे विपणन निरीक्षक की मजबूर देख गेहूं तौल करा ली। उसके बाद विपणन निरीक्षक के चेहरे पर कुछ वक्त के लिए मुस्कान आ गई।
विपणन निरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि सिरौली गांव में पहुंचकर कई किसानों से गेहूं तौल कराने के लिए संपर्क किया गया। इस दौरान किसानों ने समर्थन मूल्य से अधिक भाव बाजार में सीधे मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहे थे। वहीं किसान तारा प्रसाद पटेल से काफी प्रयास करने के बाद करीब 200 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। इन्होंने आगे कहा कि ब्लॉक क्षेत्र में गेहूं खरीद के लिए नवीन सब्जी मंडी में खाद्य एवं रसद विभाग के चार केंद्र और एक मंडी परिषद का केंद्र संचालित किया जा रहा है, जबकि इसके अलावा साधन सहकारी समिति का क्रय केंद्र बैठवलिया, माड़वाडी वार्ड, चरगहा बिसोखोर के साथ ही गड़ौरा में यूपीएसएस का केंद्र संचालित किया जा रहा है।
अब तक सबसे अधिक नवीन सब्जी मंडी स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के प्रथम और द्वितीय क्रय केंद्र पर 65 किसानों से कुल 2626 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जबकि सबसे कम खरीदारी बैठवलिया के साधन सहकारी समिति क्रय केंद्र पर महज 19 किसानों से 659 क्विंटल गेहूं खरीद हुई है।