फरेंदा (महराजगंज)। चुनाव आचार संहिता के दौरान सड़क मरम्मत की मांग को लेकर प्रदर्शन के नौ साल पुराने मामले में कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा की अदालत में पेश हुए। उन्होंने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद कोर्ट ने 20-20 हजार की दो जमानत और निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी।
अधिवक्ता प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि मामला 12 मार्च 2015 का है। कांग्रेस नेता वीरेंद्र चौधरी ने महादेव-समरधीरा मार्ग की मरम्मत को लेकर ग्रामीणों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदर्शन किया था। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। इस मामले में कांग्रेस नेता समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामला तब से लंबित चल रहा था।
इस मामले में नौ साल बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा की अदालत ने करीब एक सप्ताह पहले विधायक वीरेंद्र चौधरी सहित छह लोगों के खिलाफ समन जारी कर 11 सितंबर को पेश होने को कहा था। इसी के मद्देनजर बुधवार को विधायक वीरेंद्र चौधरी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हुए, जहां विधायक का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने विधायक को जमानत दे दी। विधायक की पेशी को लेकर कोर्ट में सुबह से ही गहमागहमी थी।
क्या था मामला
सड़क मरम्मत की मांग को लेकर 12 मार्च 2015 को ग्रामीणों के साथ महदेवा चौराहे पर राजमार्ग जाम कर दिया था। इस दौरान जनसभा भी आयोजित की गई थी। इसको लेकर करीब ढाई घंटे के चक्का जाम के दौरान आवागमन बाधित था साथ ही एंबुलेंस भी फंस गई थी। जाम की जानकारी मिलने पर एसडीएम मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लेकर प्रदर्शन खत्म कराया। विधानसभा उपचुनाव की आचार संहिता होने के कारण प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया था। देर रात इंस्पेक्टर रफीक अहमद की तहरीर पर वीरेंद्र चौधरी सहित कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।