महराजगंज। जिला अस्पताल में शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी कलक्ट्रेट राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। निचलौल नगर पंचायत वार्ड नंबर-6 निवासी 65 वर्षीय कौशिल्या देवी के बेटे ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व उनकी मां घर से बाहर निकलते समय फिसल गई थी। इससे उनकी कमर में गंभीर चोट लग गई थी। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ।
लेकिन, जब उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो शुक्रवार सुबह 10 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ ने इलाज में लापरवाही बरती गई। इससे कौशिल्या देवी की हालत और बिगड़ गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने 108 एंबुलेंस को फोन किया तो वह काफी देर से पहुंची। एंबुलेंस में मरीज को बिठाने के बाद चालक चाय पीने चला गया। इसके कारण वृद्धा को असहनीय पीड़ा हुई और उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया। मां की मौत से आहत बेटे समेत परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
चौकी प्रभारी कलक्ट्रेट राजेंद्र सिंह के अनुसार, जिला अस्पताल में एक वृद्ध की महिला की मौत के बाद उसके परिजनों हंगामा कर रहे थे। इसकी सूचना पाकर मौके पहुंचा और हंगामे को शांत कराया। सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। आरोप बेबुनियाद है।