11 अक्टूबर 2024 को रेलवे ट्रैक के किनारे घायल अवस्था में मिले थे फैजुल्लाह, इलाज के दौरान हुई थी मौत
पुलिस की फाइनल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बीच उलझ गई गुत्थी
हाईकोर्ट की नोटिस के बाद फोरेंसिक टीम ने संभावित घटनाक्रम का किया रिक्रिएशन
खुशहालनगर। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद घुघली थाना क्षेत्र के पौहरिया गांव निवासी फैजुल्लाह की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद फॉरेंसिक विभाग की टीम ने बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय से 100 मीटर आगे खंभा नंबर 131 के सामने रेलवे ट्रैक पर मौत का सीन रिक्रिएट किया।
जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2024 को फैजुल्लाह रेलवे ट्रैक के किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां 13 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजन ने गांव के ही चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। जांच के बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट में मौत की वजह रेल दुर्घटना बताया। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सड़क दुर्घटना बताया गया था। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलग-अलग निष्कर्षों ने मामले को और उलझा दिया तथा जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस की जांच से असंतुष्ट परिजन ने न्याय पाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बताया जाता है कि अदालत के पूर्व आदेशों के बावजूद निर्धारित समय में जांच पूरी नहीं की गई। इस पर हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए नोटिस जारी की। मामले की फिर से जांच के लिए पुलिस विभाग ने घटना के लगभग दो साल बाद फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर भेजा।
सोमवार को फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल पर डमी रखकर यह समझने का प्रयास किया गया कि फैजुल्लाह को चोटें किन परिस्थितियों में आई होंगी और घटना का वास्तविक स्वरूप क्या हो सकता है। अब पूरे मामले में लोगों की निगाहें 30 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
वहीं इस बाबत घुघली थानाध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश पर फॉरेंसिक टीम कई बिंदुओं पर जांच कर रही है, जांच के बाद कोर्ट को अपना रिपोर्ट सौंपा जाएगा।