महराजगंज। जिला प्रोबेशन अधिकारी डीसी त्रिपाठी समेत लिपिक रामनवल के निलंबन के बाद धांधली की परत दर परत खुल रही है। कर्मियों के चयन में धांधली की पोल खुली है। चयन में नियमों का पालन नहीं किया गया। कमी पकड़ में आने के बाद कार्रवाई की गई। पांच साल के कार्यकाल में डीपीओ ने कर्मियों के चयन में मानक का ध्यान नहीं दिया था। सात जुलाई वर्ष 2018 में जिला प्रोबेशन अधिकारी का चार्ज लिए थे।
जानकारी के अनुसार, जिला प्रोबेशन अधिकारी के पांच साल के कार्यकाल में यह गड़बड़ी सामने आई है। जैम पोर्टल से सेवा प्रदाता एजेंसी के चयन में नियम कानून का ध्यान नहीं देने का आरोप है। कर्मियों के चयन में नियमों को दरकिनार कर दिया गया। इन खामियों की पोल खुलकर सामने आने के बाद इनके खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। पूरी कार्रवाई शासन स्तर से की गई है।
निलंबित जिला प्रोबेशन अधिकारी डीसी त्रिपाठी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में चूक कहां से हुई कुछ समझ में नहीं आ रहा है। उचित फोरम पर जरूरी साक्ष्यों के साथ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे कार्यकाल में शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों को बेहतर ढंग से करने की कोशिश की। डीपीओ के निलंबन के बाद उनके कार्यालय में इस बात की चर्चा होती रही। सभी कर्मी अपने जरूरी काम में जुटे रहे।
जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। कार्रवाई शासन स्तर से की गई है। इसके बाद भी आगे की कोई कार्रवाई भी शासन स्तर से ही होगी। जिले स्तर से होने वाली कार्रवाई पूरी हो चुकी है। दायित्व निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।