महराजगंज। रामग्राम टीले का उत्खनन मंगलवार को सुबह से ही शुरू हुआ। इसे लेकर टीम की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पहले निर्धारित बिंदुओं पर गहन अध्ययन के बाद ही कोई गतिविधि शुरू की जा रही है। आने वाले दिनों में कुछ तथ्य सामने आ सकते हैं।
पुरातत्वविद आफताब हुसैन ने बताया कि टीले की खुदाई के लिए बहुत ही धीमी प्रक्रिया होती है। सबसे पहले ट्रेंच ले आउट किया गया है। फिर धीरे-धीरे ब्रश की मदद से उस एरिया की सफाई की जा रही है। अनुमान है कि छोटे बड़ी जो वस्तुएं मिलती है। उसे सावधानी पूर्वक निकाल एकत्रित किया जाएगा, फिर विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी। दूसरे दिन की इस प्रकिया में कोई भी सामग्री नहीं मिल पाई। आगे की जो प्रक्रिया है, उस प्रक्रिया में खुदाई के लिए छोटे औजार का प्रयोग जाएगा। किसी बड़ी मशीनरी या औजार का प्रयोग नहीं किया जाता है। इससे खुदाई में मिलने वाली वस्तुओं को कोई हानि न हो। इस पर अध्ययन किया जा रहा है।