दो करोड़ खर्च करने के बाद भी अंत्येष्टि स्थल बदहाल
नौ गांवों में बने अंत्योष्टि स्थल खंडहर में तब्दील
निचलौल(महराजगंज)। शवदाह के दौरान लोगों को समस्या न हो, इसे ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के नौ गांवों में अंत्योष्टि स्थल निर्माण में दो करोड़ से अधिक रुपये खर्च कर दिए गए। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण अंत्येष्टि स्थल बदहाल हो चुके हैं।
नौ अंत्येष्टि स्थल के निमार्ण पर दो करोड़ 16 लाख खर्च कर चुकी है। अधिकांश का टीनशेड उखड़ चुका है। शौचालय व इंटरलांकिग भी नहीं बना है। कुछ स्थलों पर तो जाने तक का कोई रास्ता नहीं, तो कुछ झाड़ झंखाड़ में छिपे हैं। शनिवार को पड़ताल के दौरान पता चला कि कोल्हुआ गांव में करीब तीन साल पहले 24 लाख की लागत से बना अंत्येष्टि स्थल का टीनशेड उखड़ चुका है। परिसर में चारों तरफ झाड़ झंखाड़ दिखाई दे रहा है। ग्रामीण राकेश और विनोद का कहना है कि यहां पर अभी तक एक भी दाह संस्कार नहीं हुआ है। यहां तक पहुँचने के लिए कोई रास्ता ही नहीं बना है। बरसात में पैदल ही पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
भेड़िया गांव में पोखरी के किनारे दो वर्ष पहले 24 लाख की लागत से अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया गया है, लेकिन यहां की स्थिति यह है की फर्श और अंत्येष्टि स्थल की बाउंड्रीवाल टूट चुकी है। परिसर में बड़ी बड़ी घास उग आई है। इतना ही नहीं इंटरलॉकिंग भी अधूरी है। ग्रामीण मुस्तकीम और राधेश्याम ने कहा कि दाह संस्कार करने के लिए मीलों दूरी तय कर नारायणी नदी के तट पर जाना पड़ता है। मोजरी गांव में करीब आठ वर्ष पहले बने अंत्येष्टि स्थल की भी हालत ठीक नहीं है। ग्रामीण सुभाष, रामसेवक ने कहा कि स्थल पर शौचालय और स्नानागार का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। टीनशेड उखड़ चुका है। इतना ही नहीं स्थल तक पहुंचने के लिए रास्ता ही नहीं है। रामनगर गांव में चंदन नदी के तट पर करीब तीन वर्ष पहले अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया गया है। ग्रामीण सोनू और सुरेश ने कहा कि निर्माण के दौरान मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। अंत्येष्टि स्थल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
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अगर बगैर रास्ता के अंत्योष्टि स्थल का निर्माण कराया गया है, तो जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। जहां भी मानक पूरा नहीं किया गया है, उसकी जांच होगी। अगर कहीं गंदगी व झांड़ झंखाड़ उग आए हैं तो सफाई करा दी जाएगी।
यावर अब्बास, डीपीआरओ
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यहां बना है अंत्येष्टि स्थल
क्षेत्र के मोजरी, भेड़िया, बलहीखोर, कोल्हुआ, संडा खुर्द, बहुआर कला, बोधना, रामनगर, किशुनपुर गांव में अंत्योष्टि स्थल बने हैं। यहां टीनशेड, विश्राम स्थल, शौचालय, स्नानघर, इंटरलाकिग, शवदाह स्थल, लकड़ी भंडार, हैंडपंप आदि होना चाहिए।