महराजगंज। जिले में स्वास्थ्य विभाग और आशाओं की लापरवाही के कारण गर्भवतियों को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व वंदना योजना के तहत मिलने वाली निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। 4865 गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए टोकन जारी किया गया था, लेकिन 3859 को मिली सुविधा मिल सकी।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक अप्रैल से लेकर नवंबर तक जिले में कुल 4865 गर्भवतियों के लिए निशुल्क अल्ट्रासाउंड के टोकन जारी किए गए थे, लेकिन इनमें से केवल 3859 गर्भवती को ही अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिली है। जबकि 1006 महिलाएं इस सुविधा से वंचित रह गईं। अप्रैल में 228, मई में 422, जून में 381, जुलाई में 326, अगस्त में 611, सितंबर में 564, अक्तूबर में 756, नवंबर में 581 गर्भवतियों का निशुल्क अल्ट्रासाउंड हुआ। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व वंदन योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को उनकी स्वास्थ्य जांच और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं मुफ्त में प्रदान करना है।
इस योजना के तहत गर्भवतियों को सीएचसी, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में निशुल्क अल्ट्रासाउंड अन्य आवश्यक जांचें कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गर्भवतियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन टोकन जारी किए जाते हैं, और तय तिथि पर उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल जाना होता है। यह योजना गर्भवतियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अल्ट्रासाउंड से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का मूल्यांकन किया जा सकता है और गर्भावस्था में किसी भी प्रकार की जटिलताओं का समय रहते पता चल सकता है। संवाद