महराजगंज। बर्तन कारोबारी के प्रतिष्ठान व अघोषित गोदामों पर किए गए भंडारण का मूल्यांकन चौथे दिन भी जारी है। वहीं विभाग अब दुकानदारों को सम्मन जारी करने की तैयारी कर रही है। त्योहार में खलल न पड़े, इसके लिए अभी धीमी गति से कार्रवाई की जा रही है।
दुकानदार से अभी और टैक्स जमा कराया जाएगा। इसके बाद की कार्रवाई कार्यालय से संपादित की जाएगी। दुकानदार को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो बर्तन कारोबारी के प्रतिष्ठान और गोदामों में जितना माल विभाग ने सीज किया है, उससे अधिक माल उसके अन्य अघोषित गोदामों में पड़े हैं। इसका अंदाजा इसलिए लगाया जा रहा है कि जिस प्रतिष्ठान को जीएसटी विभाग की टीम ने सीज किया था, उसी प्रतिष्ठान से लगातार बिक्री की जा रही है। जबकि, उस प्रतिष्ठान में छापेमारी के समय का कोई भी वस्तु की बिक्री नहीं करनी है। डिप्टी कमिश्नर सुनील कुमार वर्मा का कहना है कि प्रतिष्ठान को सीज करते हुए उसे दुकानदार के अभिरक्षा में सौंपा गया है। यदि उसमें से बिक्री की जाएगी तो इसके जिम्मेदार दुकानदार खुद होंगे। हालांकि, दुकानदार को प्रतिष्ठान पर अलग सामान लाकर बिक्री करने की अनुमति दी गई है।
जानकारी के अनुसार, बीते 26 अक्तूबर को एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 गोरखपुर जोन ज्योत्स्ना पांडेय के निर्देश पर परतावल के दिलीप बर्तन की दुकान व मकान पर छापामारी की गई। इस दौरान दुकानदार कोई भी बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर या अभिलेख नहीं दिखा सका। कार्रवाई करते हुए टीम ने दुकान व अघोषित गोदाम को सीज कर दिया था। इसके साथ ही कारोबारी से छह लाख रुपये जीएसटी टैक्स जमा भी कराया गया।
अधिकारियों के अनुसार गोरखपुर जोन में बर्तन विक्रेताओं की जांच एवं कर चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बर्तन स्टोर व फर्म की जांच में टैक्स को लेकर गड़बड़ी मिली है। ै