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Maharajganj News: कस्तूरबा विद्यालयों के 175 कर्मियों का कटौती के बाद भी नहीं जमा हो रहा ईपीएफ

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कस्तूरबा में 2019 से कट रहा ईपीएफ का अंशदान
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नवंबर 2021 से मार्च 2022 तक अंशदान की कटौती का मामला
महराजगंज। कस्तूरबा विद्यालयों में कार्यरत 75 कर्मचारियों की ईपीएफ कटौती के बाद भी प्रत्येक माह जमा करने में लापरवाही का मामला सामने आया है। कर्मियों ने इसकी शिकायत राज्य स्तर पर की है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले में पत्र जारी किया है। इसके बाद विभाग आनन-फानन में ईपीएफ कटौती का विवरण संकलित कर रहा है।
जनपद में 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इसमें 175 शिक्षिका व कर्मचारियों की ईपीएफ कटौती 2019 से प्रति माह 12 फीसदी तक होती है। इसका अंशदान भी शासन की तरफ से प्रत्येक माह विभाग को उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन 2021 नवंबर में मार्च 2022 तक कुल पांच माह का ईपीएफ शिक्षकों व कर्मचारियों के खाते में नहीं जमा किया गया।
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प्रति माह धनराशि ईपीएफ खाते में जमा नहीं होने से भविष्य निधि लाभ से कटौती के बाद भी कर्मी सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे। इसी वजह से कर्मियों ने राज्य स्तर मामले की शिकायत की। इसके बाद डीसी मुकेश ने पत्र भेजकर मामले की जानकारी मांगी है। विभाग 2019 से अब तक प्रति माह का डाटा खंगालने में जुटा है।
सात से 30 हजार तक मिलता है मानदेय
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कार्यरत शिक्षिकाओं और कर्मचारियों के मानदेय समय-समय पर घटता-बढ़ता रहता है। वर्तमान समय में वार्डेन को 30,250 रुपये, फुल टाइम शिक्षिका को 24,200 रुपये, पार्ट टाइम शिक्षिका को 12,181 रुपये, लेखाकार को 13,673 रुपये, उर्दू शिक्षिका को 16,408 रुपये, मुख्य रसोइया को 8,577 रुपये, सहायक रसोइया को 6,433, चौकीदार का 7,147 और चौकीदार को 7,147 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
वर्जन
ईपीएफ कटौती की रकम हर महीने राज्य अंश के साथ जमा होती है। 2019 से अबतक जमा राशि में पांच माह का डाटा मिस मैच हो रहा था जिसे सही कराया जा रहा है। यह मिस मैचिंग शासन से मिलने वाले अंशदान के विलंब के चलते उत्पन्न हुई।
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-अरविंद मणि त्रिपाठी, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक
वर्जन
बेसिक के प्रत्येक शिक्षक व कर्मचारी की ईपीएफ कटौती अंशदान के साथ समय से जमा करने का निर्देश वित्त विभाग को दिया गया है। कटौती जमा करने में किसी तरह की लापरवाही न करने के निर्देश दिए गए हैं।
-रिद्धि पांडेय, बीएसए, महराजगंज
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