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हड़ताल पर रहे बिजली कर्मी, चरमराई आपूर्ति व्यवस्था

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बिजली कार्यालय पर धरना देते कर्मी - फोटो : MAHARAJGANJ
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हड़ताल पर रहे बिजली कर्मी, चरमराई आपूर्ति व्यवस्था
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महराजगंज। विद्युत निगम के निजीकरण से कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है। विद्युत निगम के कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में एक्सईएन दफ्तर के सामने धरना देकर गुस्से का इजहार किया। कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिले के सभी विद्युत स्टेशनों में काम ठप रहा। शहर से लेकर गांव तक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई।
मुख्य आपूर्ति में गड़बड़ी होने से सुबह करीब 10 बजे से बिलजी गुल हुई तो दोपहर बाद तक नहीं आई। पुलिस की सुरक्षा में जिले के सभी विद्युत उपकेंद्र रहे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार के क्रम में जिले के विद्युत निगम के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है। निजीकरण वापस न हुआ तो आंदोलन जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति संयोजक ई. उपेंद्र नाथ चौरसिया ने कहा कि समय रहते हुए निजीकरण वापस नहीं लिया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। डीपी त्रिपाठी, सुधीर सिंह ने कहा कि अभी तो आंदोलन शुरू हुआ है, जनता को आंदोलन से जोड़ने की रणनीति बन चुकी है। जल्द ही जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा। निजीकरण से होने वाले नुकसान जैसे महंगी बिजली का भार जनता पर पड़ेगा। इन बातों से सबको अवगत कराया जाएगा।
विद्युत प्रबंधन व प्रदेश सरकार की नीतियां पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाते हुए सरकारी उपक्रमों को बेचने की है, जिसे विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति कभी भी स्वीकार नहीं करेगा। इस सभा के दौरान हरि शंकर, विपिन कुमार, ऋषिदेव गौतम, राम यादव, आलोक रंजन गुप्ता, कृष्णा नन्द, अरुण कुमार यादव, राजनरायण, आईएस सिंह, राजीव कुमार नायक, वीर प्रताप सिंह, एके सिंह, अवधेश, रमेश, पीएन मौर्य, कार्तिक वर्मा, शंभू नाथ, कुलदीप, आलोक कुमार, उपेंद्र गुप्ता, जुवेर खान, सुरेंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
पनियरा प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत उपकेंद्र पर राजस्व विभाग, आईआईटी साथ में पुलिसकर्मी तैनात रहे। पनियरा कस्बे के रहने वाले पप्पू कन्नौजिया ने कहा कि सुबह सात बजे से बिजली गुल हो गई। दोपहर तक बिजली नहीं आई। जिला पंचायत सदस्य मुनीब चौहान ने कहा कि गांगी बाजार, मुजुरी, बैदा, रामनगर, जर्दी, रानीपुर, लक्ष्मीपुर, औरहियां आदि गांव में बिजली बाधित रही।
भिटौली प्रतिनिधि के अनुसार, लेखपाल इंद्र कैलाश एवं वीरेंद्र गुप्ता ने विद्युत व्यवस्था को संभाल में जुटे रहे। पॉलिटेक्निक कॉलेज के दो छात्र सत्यजीत एवं आकाश भी काम करते रहे। परतावल, चौक बाजार, फरेंदा, बृजमनगंज, नौतनवां, सोनौली, धानी, ठूठीबारी, बरगदवां, सोनौली प्रतिनिधि के अनुसार, इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बाधित रही। अधिकारियों की टीम ने आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया।
दूसरी ओर उपजिलाधिकारी राम सजीवन मौर्य ने बताया कि क्षेत्र के निचलौल, ठूठीबारी, डोमा फार्म, सिसवां, मिठौरा बाजार, बरवां कला बिजली उपकेंद्र का जायजा लिया गया। जहां पर इन केंद्रों के बिजली कर्मचारियों की ओर से मनमानी तरीके से शहर और ग्रामीण फीडरों से बिजली को शटडाउन कर कई जगह मेन तारों को कट कर दिया गया था। उसके बाद कर्मचारियों को तत्काल समझाकर सभी बिजली उपकेंद्र से तारों को जोड़वाकर दोपहर करीब डेढ़ बजे बिजली आपूर्ति कराई गई। उपकेंद्रों पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तैनाती है।
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वहीं जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि सभी विद्युत स्टेशनों पर 32 अधिकारियों के साथ दो दो इलेक्ट्रिक ट्रेड के छात्र लगाए गए। इसके अलावा विद्युत स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही है। कंट्रोल रूम में छह कर्मचारी एवं दो अधिकारियों की ड्यूटी लगी है। प्रत्येक गतिविधियों पर प्रशासन की नजर है। विद्युत आपूर्ति को सुचारू रूप से रखने के लिए हर संभव इंतजाम किए गए हैं।
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