त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए प्रत्येक मतदाता को जारी किया जाएगा यूनिक नंबर
एसवीएन प्रावधान के कारण 22 को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
महराजगंज। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम सूची अब 15 की जगह 22 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के नए निर्देश पर एसवीएन (स्टेट वोटर नंबर) के प्रावधान के तहत यह समय सीमा बढ़ाई गई है। अब इस समय सीमा में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य पूरा कराया जाएगा। ताकि एसवीएन का आवंटन सुविधाजनक तरीके से किया जा सके और प्रत्येक मतदाता को यूनिक नंबर जारी किया जा सके।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब प्रत्येक मतदाता का अपना स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) होगा। पहली बार राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाताओं को विशिष्ट पहचान देने की कवायद शुरू की गई है। आगामी 22 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले प्रत्येक मतदाता को स्टेट वोटर नंबर आवंटित किया जाएगा। स्थानीय चुनाव कार्यालय के सहायक निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत की मतदाता सूची निर्विवाद रूप से तैयार करने का दायित्व प्रत्येक जनपद प्रशासन को सौंपा है।
निर्धारित समय सीमा में जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सार्वजनिक अवकाश व रविवार की छुट्टी के दिन भी कार्यालय खुला रखा जाएगा। इस बार प्रत्येक मतदाता को स्टेट वोटर नंबर आवंटन की प्रक्रिया मंजूर की गई है जिसके कारण सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 15 अप्रैल से बढ़ाकर 22 हुई है। 15 से 21 तक पंचायत मतदाताओं की मैपिंग आदि जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 16 से 21 अप्रैल के बीच ही प्रत्येक मतदाता को उसका स्टेट वोटर नंबर आवंटित कर दिया जाएगा। इससे न सिर्फ मतदाताओं को एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। बल्कि पुनरीक्षण के बाद भी एक से अधिक जगह पंजीकृत नाम वाले फर्जी मतदान नहीं किया जा सकेगा।
882 ग्राम पंचायतों में चलाया पुनरीक्षण अभियान
जिले के 882 ग्राम पंचायतों में राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। पुनरीक्षण में 4.5 फीसदी मतदाता बढ़ गए। मतदाता पुनरीक्षण के बाद जिले में कुल 19 लाख 52 हजार 26 मतदाता हुई है। सात लाख 93 हजार डुप्लीकेट मतदाता मिले थे। सत्यापन का कार्य बीएलओ से पूरा कराया गया। बीएलओ की रिपोर्ट पर डुप्लीकेट मतदाताओं का नाम सूची से काटा गया।
वर्जन
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही निर्धारित समय सीमा में पंचायत की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एसवीएन का प्रावधान पहली बार किया जा रहा है।
-डाॅ. प्रशांत कुमार, एडीएम