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ई-संजीवनी ओपीडी के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सकों से मिल रहा परामर्श

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ई-संजीवनी ओपीडी : घर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से लें सलाह
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महराजगंज। ई-संजीवनी एप से चिकित्सकों से परामर्श मिलना आसान है। कोरोना काल में शुरू हुई यह सेवा अब तक जारी है। सुदुरवर्ती क्षेत्र में जहां विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं, वहां लोगों को नजदीक के उप स्वास्थ्य केंद्र पर यह सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को सौंपी गईं है। इनके द्वारा क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को इस सुविधा के बारे में जानकारी दी जाती है। 29 अप्रैल 2022 तक 2,500 लोगों ने ऑनलाइन इस सुविधा का लाभ लिया है।
ई-संजीवनी ओपीडी सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ बजे से दो बजे तक चलती है। इसके जरिए विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का ऑनलाइन इलाज होता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ऑनलाइन ओपीडी के रूप में देश में पहली नेशनल टेली कंसल्टेशन सर्विस ( ई-संजीवनी) लांच की है। जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के नागरिकों को निशुल्क ऑनलाइन स्वास्थ्य सुविधा दिलवाना है, ताकि मरीज घर पर ही रहकर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ले सके। इस व्यवस्था को ई-संजीवनी ओपीडी के नाम से भी जाना जाता है।
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ऐसे काम करता है ई-संजीवनी एप
एंड्रायड मोबाइल फोन में प्लेस्टोर पर जाकर ई-संजीवनी एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद इस एप पर खुद को रजिस्टर्ड करवाना होगा, वेरीफिकेशन के लिए वन टाइम पॉसवर्ड (ओटीपी) भी आएगा जाएगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज को विकल्प मिलेगा जिसमें वह फिजीशियन, आर्थोपेडिक, स्किन , डेंटल, गॉयनी, न्यूरो में किस डाक्टर से सलाह लेना चाहता है। जैसे ही इस एप के जरिये वीडियो कॉल किया जाएगा तो वह सीधे उसी मर्ज के डाक्टर को पहुंच जाएगी, जिसे उसने चुना है। इस एप से डॉक्टर मरीज से बातचीत कर उसे दवा का प्रिस्क्रिप्शन देगा जो डिजिटल साइन के साथ मरीज तक भी पहुंच जाएगा। ई-संजीवनी पर डॉक्टर से सुबह 9 से दोपहर 2 बजे के बीच परामर्श लिया जा सकता है।
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अब तक लगभग 2500 मरीजों ने ई-संजीवनी ओपीडी से इलाज कराया है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। सभी सीएचओ को इस संबंध में जरूरी दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।
संदीप पाठक, डिस्ट्रिक्ट कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर
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कोरोना काल में ई-संजीवनी ओपीडी मरीजों के लिए वरदान साबित हुई। मरीज को आसानी से विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज की सुविधा मिली। इससे मरीज को बड़े शहरों से आने जाने से मुक्ति मिल जाती है। समय के साथ धन की भी बचत होती है।
शिखा सिंह, सीएचओ, सिसवा अमहवां
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केस नंबर एक-पकडी गांव की प्रीती सिंह को गैस की समस्या थी। उन्होंने बताया कि ई संजीवनी एप के जरिए चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा ली। अब काफी आराम है।
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केस नंबर दो- अमहवां गांव के आयुष को उल्टी दस्त की समस्या हुई तो मां साथ लेकर उप केंद्र पहुंची। यहां एप के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सक ने परामर्श दिया तो बीमारी ठीक हुई।
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केस नंबर तीन- पकडी गांव की सरोज को घुटने एवं कमर में दर्द की समस्या थी तो वह उप केंद्र सिसवा अमहवां पहुंची। विशेषज्ञ चिकित्सक से दवा लेकर परामर्श लिया। उन्हें गांव के नजदीक ही सेवा मिल जाने से राहत मिली।
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केस नंबर चार- पकडी गांव की रहने वाली शिखा को पंजे में दर्द होने से परेशान थी। वह उप केंद्र पर पहुंची, उनको विशेषज्ञ चिकित्सक ने ऑनलाइन परामर्श दिया, डाक्टर द्वारा बताई दवा लेने के बाद अब उनको दर्द में आराम है।
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