महराजगंज। नगर में जाम का मुख्य कारण बनने वाले व यातायात नियमों का अनुपालन कराने के उद्देश्य से ई-रिक्शा को रोड टैक्स के दायरे में लाने की तैयारी है। परिवहन मुख्यालय इसपर मंथन कर रहा है।
जनपद से ई-रिक्शा संचालन के संदर्भ में रिपोर्ट मांगी गई है। कितने ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, इनका रूट इत्यादि की रिपोर्ट एआरटीओ कार्यालय की ओर से भेजने की तैयारी है। आने वाले दिनों में ई-रिक्शा के लिए न सिर्फ रोड टैक्स देना होगा, बल्कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले ही इसे चला सकेंगे।
जनपद में प्रतिदिन ई-रिक्शा की संख्या में इजाफा हो रहा है। नगर में तो हर रोड पर बड़ी संख्या में इनका संचालन हो रहा है। संचालन करने वाले विभागीय दायरे में न आने का लाभ उठाते हुए न सिर्फ मनमाना किराया वसूलते हैं, बल्कि सड़क नियमों का पालन भी नहीं करते। जिले में दो हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में सिर्फ पंजीकरण करने के बाद ही सड़कों पर ई-रिक्शों को दौड़ाया जा सकता है। रूट तय होने के साथ ही पाबंदियां नहीं होने के कारण शहर के मुख्य चौराहों से लेकर भीड़-भाड़ वाले बाजारों में ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। लेकिन, अब ई-रिक्शा संचालकों को भी रोड टैक्स अदा करना होगा। इसके साथ ही ऑटो की तरह ही ई-रिक्शा चलाने की आयु सीमा भी तय की जाएगी। ई-रिक्शा की आयु सात वर्ष तय किया जाएगा और इसके बाद संचालन पर भी रोक लग जाएगी।
संभागीय निरीक्षक आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि परिवहन मुख्यालय की ओर से ई-रिक्शा को रोड टैक्स के दायरे में लाने के लिए वार्ता जल रही है। जनपद स्तर से भी ई-रिक्शा संचालन की रिपोर्ट मांगी गई है। अगर इन्हें रोड टैक्स के दायरे में लाया जाता है तो विभाग की आय बढ़ेगी, नियमों का पालन भी विभाग करा सकेगा।स