महराजगंज। अपर जिला मजिस्ट्रेट की न्यायालय ने मिलावटी आटा,पनीर और खोया पर कार्रवाई करते हुए सात दुकानदारों और रेस्टोरेंट संचालकों पर अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई अधोमानक खाद्य पदार्थ और बिना पंजीकरण कारोबार करने की शिकायतों पर हुई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने सभी मामलों में जुर्माना लगाया है। धनेवा धनेई स्थित किराना की दुकान के प्रोपराइटर परमिंदर गुप्ता से 28 अक्तूबर 2024 को लिया गया कट्टू के आटे का नमूना अधोमानक पाया गया। इस पर न्यायालय ने उन्हें 5,000 रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया। एक होटल के प्रोपराइटर विपिन पांडेय से इस साल तीन मार्च को लिया गया पनीर का नमूना मानक पर खरा नहीं उतरा। इस पर उन्हें पांच रुपये का अर्थदंड लगाया गया। रेस्टोरेंट के प्रोपराइटर शमशुजोहा खान पर बिना पंजीकरण रेस्टोरेंट के संचालन पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसी क्रम में उद्योग चौराहा स्थित रेस्टोरेंट के प्रोप्राइटर विश्व चंद्र पटेल को भी बिना पंजीकरण व्यापार करने पर 20,000 रुपये का दंड भुगतना पड़ा। स्वीट्स हाउस प्रो. दिनेश मद्धेशिया से 13 दिसंबर 2024 को लिया गया खोआ का नमूना अधोमानक मिला। इस पर 8,000 रुपये का दंड लगाया गया। वहीं स्वीट्स हाउस के प्रोपराइटर ताराचंद और विक्रेता अनुज शर्मा से पांच अक्तूबर 2024 को लिए गए छेना की मिठाई का नमूना फेल मिला। इसमें प्रोपराइटर पर 8,000 रुपये और विक्रेता पर 2,000 रुपये जुर्माना लगाया गया। जबकि रेस्टोरेंट, महराजगंज से आठ जनवरी को लिया गया पनीर का नमूना अधोमानक पाया गया। इस पर मुंबई निवासी प्रोपराइटर केशव