महराजगंज। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में हैं। सरकारी अस्पतालों में ज्यादातर डॉक्टरों के पद खाली हैं। विशेषज्ञ डाक्टरों की भी तैनाती न होने के कारण मरीजों का बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है। इससे इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जिम्मेदार इस दिशा में कोई ठोस प्रबंध नहीं कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर मिली जानकारी के अनुसार, जिले की 17 सीएचसी, 40 पीएससी और एक शहरी पीएचसी पर महज 189 डॉक्टरों के पद है। जबकि इसके सापेक्ष कुल 69 डाॅक्टर तैनात हैं। इसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, जनरल फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नाक कान गला विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, फोरेंसिक विशेषज्ञ, एमबीबीएस, परामर्शदाता और ईएमओ शामिल हैं। जबकि विभागीय आंकड़ों की बात करें तो सीएचसी-पीएचसी पर किसी भी तरह के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। इसके कारण मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पाता है। शांति गौतम ने बताया कि मुझे थायराइड समेत अन्य बीमारी की समस्या है। पीएचसी पनियरा में इलाज के लिए गई लेकिन वहां बेहतर इलाज नहीं हो सका।
जिले के समस्त सीएचसी पीएचसी में डॉक्टरों की कमी है। कुल 189 पदों के सापेक्ष 69 डॉक्टर ही तैनात हैं। 120 पद खाली पड़े हैं। कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं। शासन को पत्र लिखकर डॉक्टरों की मांग की गई है, जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
-डॉ श्रीकांत शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी