महराजगंज/सोनौली। भारतीय क्षेत्र से नेपाल जाने वाले ट्रक चालक परेशान हैं। मानक के खेल में जेब ढीली हो जा रही है। जुर्माने की रकम देने के बाद कारोबारी के किराए में इसे जोड़कर भरपाई की जाती है। ऐसे में हर बार किराया बढ़ जाता है।
कभी-कभी इसे लेकर नोकझोंक होती है तो चालकों को नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय एजेंट और कारोबारी इसका विरोध कर रहे हैं। सोनौली भारतीय सीमा में ट्रक एसोसिएशन रूपनदेही जिला प्रशासन के इस फैसले का विरोध कर रहा है। भंसार एसोसिएशन का कहना है कि भारत में जब ओवरलोड नहीं है तो नेपाल में ओवरलोड कैसे हो गया। भारतीय क्षेत्र से नेपाल में प्रवेश करते ही ओवरलोड में मालवाहक गाड़ियां चालान हो जाती हैं। ऐसा इसलिए है कि ट्रकों की भार क्षमता का मानक नेपाल में अलग है। इससे चालकों की समस्या बढ़ गई है।
नेपाल भारतीय भार क्षमता के अनुरूप माल लोडकर जाने पर भारतीय ट्रक को ओवरलोड बताया जाता है। नेपाल में प्रवेश करने पर ट्रैफिक पुलिस बेलहिया के पास प्रति भारतीय ट्रक 10000 जुर्माना वसूलते हैं। इसको लेकर भारतीय ट्रक चालक नेपाल जाने से कतराने लगे हैं।
भारत-नेपाल सीमा सोनौली से सटे रूपनदेही जिले के भंसार कार्यालय के बाहर बाईपास काठमांडू मार्ग पर रूपनदेही जिले की ट्रैफिक पुलिस ने भारतीय मालवाहक ट्रकों को ओवरलोड बताकर चालान कर देती है। जबकि भारतीय ट्रांसपोर्टर और चालकों का कहना है कि सामान अंडरलोड है। इसमें सैकड़ों भारतीय मालवाहक ट्रकों को नेपाल पुलिस प्रतिदिन 10000 का चालान कर देती है।
नेपाल रूपनदेही जिले के प्रशासन का कहना है कि भैरहवा कस्टम से पास होकर नेपाल में जाने वाली लगभग 80 प्रतिशत ट्रकें ओवरलोड जा रही हैं। इससे सड़कें जल्द क्षतिग्रस्त हो जा रही हैं। नेपाल में 10, 12, 14, 18 और 22 चक्का गाड़ी 17, 21, 24, 28 और 33 टन में पास है, जबकि भारतीय ट्रक 16, 21, 28, 34 और 42 टन अंडर लोड माना जाता है।
सोनौली-नौतनवा ट्रक आॅपरेटर संघ के अध्यक्ष पप्पू खान ने बताया कि कई बार इस समस्या को नेपाली प्रशासन के समक्ष रखा गया है, लेकिन निस्तारण के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। इट्रक मालिक गोपाल गुप्ता, शिवम पांडेय, विवेक मिश्रा, भोला खान, संतोष पांडेय, रिंकू जायसवाल, शिवकुमार, संजय तिवारी ने कहा कि मामले की शिकायत नेपाल स्थित भारतीय दूतावास में की जाएगी।