13 हजार रुपये का लगा अर्थदंड-अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का भुगतना होगा कारावास
गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र की निवासी हैं वादी और प्रतिवादी
महराजगंज। जनपद के महिला थाना में वर्ष 2019 में दर्ज दहेज उत्पीड़न के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास एवं 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त तीन माह का कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार महिला थाना में वादी साहिबा अंजुम निवासी 412 बी, कुन्तीनगर, थाना गोरखनाथ, जनपद गोरखपुर ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज किया गया था। मामले में आरोप था कि विवाहिता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया, उसके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना 1 दिसंबर 2012 की बताई गई थी। मामले की विवेचना के बाद 16 मई 2020 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य एवं गवाहों के माध्यम से आरोपों को सिद्ध किया न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-01 ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अभियुक्त चिरागुद्दीन निवासी 412 बी, कुन्तीनगर, थाना गोरखनाथ, जनपद गोरखपुर को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास तथा 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।