दोहरा हत्याकांड : पर्दाफाश करना पुलिस के लिए चुनौती
महराजगंज। परसामलिक थाना क्षेत्र के महदेइया गांव में दोहरे हत्याकांड के पर्दाफाश से पुलिस काफी दूर है। रविवार को पुलिस ने मृत पुजारी के भतीजे को पूछताछ के लिए थाना बुलाया। वहीं नेपाल से भी साध्वी के घर के कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। इसके अलावा अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस हत्याकांड का पर्दाफाश करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है।
इस हत्याकांड की पूरी कहानी धन जायजाद के इर्दगीर्द घूम रही है। सर्विलांस टीम भी काम कर रही है। पुजारी रामरतन एवं साध्वी कलावती के हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस के बिछाए जाल बिछाया है। लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिल सकी है। परसामलिक पुलिस भी इस मामले में हवा में तीर मार रही है। जमीन स्तर की सूचनाओं को एकत्र पर पुलिस पूछताछ के आधार हत्यारों तक पहुंचने के फिराक में हैं। घटना के बाद से अब तक कई राउंड की पूछताछ हो चुकी है। लेकिन कुछ खास जानकारी नहीं मिलने से पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। मंदिर परिसर में घटना के तीसरे दिन रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। मंदिर में पूजा करने कोई नहीं गया। गांव के लोग हैरत में हैं कि पुजारी एवं साध्वी की हत्या कैसे हो गई। दोनों व्यवहार कुशल थे। किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। घटना के बाद से ही मंदिर परिसर में पुलिस का पहरा है। इसके अलावा गांव में भी पुलिस प्रत्येक हलचल पर नजर रखे हुए है। पुलिस चार टीम अलग -अलग मामले की जांच करने में जुटी है। स्थानीय स्तर पर आपराधिक प्रवृति के लोगों से भी पुलिस पूछताछ में जुटी है।
नौतनवां सीओ कोमल प्रसाद मिश्रा ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है। अभी कोई नतीजा नहीं निकला है। पूछताछ के लिए नेपाल से भी कुछ लोगों को बुलाया गया है। इसके अलावा मृत पुजारी के भतीजे से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस सभी विंदुओं पर ध्यान देते हुए मामले का जल्दी पर्दाफाश करने में जुटी है।
मंदिर परिसर में भटक रही थी गाय
नौतनवां। महदेइया गांव के कारण माता मंदिर में पुजारी की हत्या के बाद पुजारी की गाय इधर- उधर भटक रही है। रविवार को गाय मंदिर परिसर में इधर-उधर से विचरण कर मंदिर परिसर में आकर अपने नाद में सूखा भूसा खा रही थी। पुजारी रामरतन मिश्रा एक गाय पाले थे। ग्राम प्रधान पति यशवंत यादव ने बताया कि गाय को पुजारी पाले हुए थे। जब से उनकी हत्या हो गई तबसे कोई देखभाल करने वाला नहीं है।