खूंखार हो रहे कुत्ते, हर रोज किसी न किसी को बना रहे निशाना
कुत्तों के हमले में प्रतिदिन 20 लोग हो रहे घायल, सावधानी बरतने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इन दिनों कुत्तों के हमले में प्रतिदिन औसतन 20 लोग घायल हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, कुत्तों के हमले में घायल होने वालों की संख्या बढ़ी है। शहर से लेकर गांव तक कुत्तों के हमले में घायल होने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टर, खूंखार हो रहे कुत्तों से बचकर रहने का सुझाव दे रहे हैं।
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, एक जनवरी को 23 लोगों को एंटी रेबीज वेनम (एआरवी) लगाया गया। दो जनवरी को 22, तीन जनवरी को 15, चार जनवरी को 17, पांच जनवरी को 11, सात जनवरी को 33, आठ जनवरी को 14, नौ जनवरी को 30 लोगों को एआरवी लगाया गया। 10 जनवरी को 20 लोगों को एआरवी लगा। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे एवं अधिक उम्र के लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। उनको समय से दवा लेने एवं इंजेक्शन लगवाने का सुझाव दिया जा रहा है।
धर्मपुर गांव के राजकुमार ने बताया कि बीते सप्ताह गांव में कुत्ते आपस में लड़ रहे थे, वहां से गुजरने के दौरान एक कुत्ते ने काट लिया। खलिकगढ़ निवासी शोहरत ने बताया कि बाइक से जाने के दौरान कुत्तों ने दौड़ा लिया, इस बीच पैर में एक कुत्ते ने काट लिया। अस्पताल आकर इंजेक्शन लगवाया। सिंदुरियां गांव के आर्यन ने बताया कि करीब 15 दिन पहले रात में गांव की एक गली में कुत्ते ने दौड़ाकर काट लिया। गोपी कांध गांव के अनूप ने बताया कि पांच दिन पहले कुत्ते ने काटा तो अस्पताल आकर एआरवी लगवाया।
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यह बरतें सावधानी
- कुत्ता कुछ खा पी रहा हो तो उसके पास न जाएं
- अगर कुत्ते के पिल्ले उसके साथ हों तो नजदीक न जाएं
- कुत्ते आपस में लड़ रहे हों तो भी उनसे दूर रहें
- सोते हुए कुत्ते को किसी भी हालत में न छेड़ें
- कुत्तों के एकदम नजदीक से भागदौड़ न करें
- बच्चों को भी बताएं, कुत्तों के कान और पूंछ आदि न खींचें
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स्टोर में पर्याप्त (360 वायल) एआरवी उपलब्ध है। एक वायल में करीब 10 लोगों को इंजेक्शन लगाया जाता है। ज्यादातर लोग जिला अस्पताल में आकर एआरवी लगवाते हैं, जिससे दबाव अधिक रहता है।
- संतोष श्रीवास्तव, चीफ फार्मासिस्ट, जिला अस्पताल
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अस्पताल में सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। कुत्तों के काटने के बाद एआरवी लगवाना जरूरी होता है। इलाज का बेहतर इंतजाम है। स्टोर में दवाएं पर्याप्त हैं।
- डॉ. एके राय, सीएमएस