लोगों का कहना है कि धर्मपुर निवासी सुनील वर्मा ही नहीं पूरा परिवार ही बहुत मिलनसार है। सुनील वर्मा व उनकी पत्नी गायत्री का गोरखपुर में इलाज चल रहा है।
मृतक राहुल घर का सबसे लाडला था। घर के बगल में आरके एकेडमी स्कूल में आठवीं में पढ़ता था। खाना खाने के बाद पढ़ाई के लिए लैंप लेकर छत पर पढ़ने के लिए गया था। परिवार वालों का कहना है कि अक्सर वह छत पर पढ़ने के लिए चला जाता था।
लेकिन कौन जानता था कि बृहस्पतिवार की रात उसकी अंतिम रात है। वहां मौजूद हर शख्स यही कह रहा था कि डकैत सामान, रुपये सब ले जाते लेकिन राहुल की जान न लेते।
घटना के बाद गोरखपुर से विधि विज्ञान शाला की टीम पहुंची और वहां बारीकी से एक-एक चीज की जांच की। उसके बाद डाग स्क्वायड टीम पहुंची। खोजी कुत्ता घटनास्थल से इर्द गिर्द घूमता रहा।
पीछे के रास्ते घुसे डकैतः डकैतों की संख्या छह थी। राहुल की बहन महिमा के अनुसार उनके हाथ में बंदूक, धारदार हथियार थे। उसमें तीन कच्छा बनियान व तीन पैंट शर्ट पहने थे।
उन लोगों ने मम्मी पापा को घायल करने के बाद उन्हें कुछ नशीला पदार्थ सूंघा दिया था। राहुल के नाक में भी रुई जैसे कुछ चीज थी। घटनास्थल के पास एक मोबाइल मिला।
पुलिस यह पता करने में जुटी है कि वह मोबाइल घर वालों का है या फिर डकैतों का। यदि डकैतों का होगा तो पुलिस को उससे काफी मदद मिलेगी।