फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: प्रमाणपत्र बनवाने आए दिव्यांग हुए मायूस, बोर्ड में डॉक्टर ही नहीं

Fri, 06 Jan 2023 10:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।

सार

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने कहा कि एडी हेल्थ को पत्र भेजा गया है। जल्द ही डॉक्टर मिलने की उम्मीद है। इनके आते ही दिव्यांगों का प्रमाणपत्र बनवाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अन्य दिव्यांगों का प्रमाणपत्र बन रहा है।
 
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय परिसर में प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बैठे दिव्यांग। - फोटो : MAHARAJGANJ
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 दिव्यांगों को प्रमाणपत्र बनवाने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। बृहस्पतिवार को ठंड में ठिठुरते हुए दिव्यांग, मेडिकल बोर्ड के सामने पहुंचे, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। ऐसा इसलिए कि नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एक सप्ताह पहले सेवानिवृत हो गए। अभी उनके स्थान पर की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में दिव्यांगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
विज्ञापन


सीएमओ कार्यालय परिसर में सप्ताह में दो दिन दिव्यांगों का प्रमाणपत्र बनता है। यहां आने वाले दिव्यांगों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद प्रमाण पत्र बनाया जाता है। बृहस्पतिवार को दिव्यांग, प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे, लेकिन इसमें नाक, कान, गला से संबंधित दिव्यांगों को निराश होना पड़ा। डॉक्टर के नहीं रहने के कारण उनका प्रमाणपत्र नहीं बन सका। उनको बाद में आने के लिए कह दिया गया।

प्रत्येक मेडिकल बोर्ड में 100 से 125 दिव्यांग आते हैं। इनमें से 20 से 25 दिव्यांग नाक, कान और गला रोग से संबंधित होते हैं, लेकिन विशेषज्ञ नहीं होने से अब इनका प्रमाणत्र जारी नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


मेडिकल बोर्ड में ये विशेषज्ञ होते हैं शामिल
दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए मेडिकल बोर्ड में फिजीशियन डॉ. रंजन कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष निगम शामिल हैं। इनमें से नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. केके चौधरी सेवानिवृत हो गए हैं। सीएमओ कार्यालय परिसर में सोमवार और बृहस्पतिवार को दिव्यांग मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉक्टर उपस्थित होकर जांच करते हैं।

पोर्टल पर 110 आवेदन लंबित
नाक, कान और गला रोग के दिव्यांगों का सीएमओ कार्यालय के पोर्टल पर 110 आवेदन लंबित हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से यह आवेदन निस्तारित नहीं हो पा रहा है। इससे दिव्यांगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने कहा कि एडी हेल्थ को पत्र भेजा गया है। जल्द ही डॉक्टर मिलने की उम्मीद है। इनके आते ही दिव्यांगों का प्रमाणपत्र बनवाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अन्य दिव्यांगों का प्रमाणपत्र बन रहा है।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें