गैर इरादतन हत्या के दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास
थाना कोतवाली सदर के लखिमा थरुआ गांव में हुई थी घटना
महराजगंज। थाना कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्रामसभा लखिमा थरुआ में वर्ष 2007 में जीप से ठोकर मारकर और ईंट से प्रहार कर मौत के मामले में दोषी को कोर्ट ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश तिवारी ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त शहरे आलम निवासी लखिमा थरुआ को यह सजा दी। आठ हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया है।
पत्रावली से मिली जानकारी के अनुसार, जुबैदा निवासी लखिमा थरुआ ने सदर थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि दो जून 2007 को सुबह आठ बजे पट्टीदार शहरे आलम, शाहराजा, इदना अली, जहनारा मुमुना, रियाजुल व धर्मेंद्र पुरानी रंजिश को लेकर जीप से ठोकर मारकर बेटी सदीकुन निशा की हत्या कर दी। जीप से उतर कर सदीकुन निशा को ईंट से मारने लगे। पुत्री को बचाने गई तो ईंट से मारने लगे। बेटी की मौत अस्पताल ले जाते समय हो गई।
विवेचक ने शहरे आलम के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ब्रजेंद्रनाथ त्रिपाठी ने सात गवाह एवं 13 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सजा की मांग की। न्यायालय सभी पक्षों को सुनने के बाद यह सजा सुनाई।