महराजगंज। तीन दिन महराजगंज महोत्सव के मद्देनजर मंगलवार सुबह आठ बजे से ही रूट डायवर्जन प्रभावी हो गया। गोरखपुर व घुघली की तरफ से आने वाले भारी वाहन जहां शिकारपुर तक आ सके। वहीं निचलौल और फरेंदा रूट से भी बड़े वाहनों का शहर में प्रवेश वर्जित रहा।
शहर में बड़ी गाड़ियों के दाखिले पर रोक के चलते शहर के सभी मार्गों पर आवागमन में किसी तरह की समस्या देखने को नहीं मिली। छोटे वाहन बिना जाम में फंसे फर्राटा भर रहे थे।
महराजगंज महोत्सव का आयोजन जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज मैदान में प्रारंभ हो गया है। आयोजन में भीड़ की अधिकता को देखते हुए एक दिन पहले ही रूट डायवर्जन विभिन्न मार्गों पर प्रभावी करने के लिए प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया गया था। निर्देश था कि सुबह से लेकर देर रात तक भारी वाहन कस्बे में दाखिल हों।
इसका पालन निजी वाहन तो पहले दिन करते मिले, लेकिन रोडवेज बसे आदेश के बाद भी डिपो तक दोपहर तक आती जाती रहीं। जबकि इनके लिए अस्थायी व्यवस्था चौपरिया में की गई थी। रोडवेज बसों को डिपो से आता-जाता देख एआरएम सर्वजीत वर्मा से वार्ता कर प्रशासनिक अधिकारियों ने जब कड़ाई से अनुपालन कराने की बात कही तब व्यवस्था कड़ी करते हुए चौपरिया अस्थायी बस स्टैंड से आवागमन व्यवस्था प्रभावी हुई।
शहर में बड़े वाहन नहीं पहुंचे तो लोगों को आवागमन में कोई विशेष परेशानी नहीं हुई न ही किसी रूट पर जाम की समस्या ही देखने को मिली। यातायात प्रभारी अरुणेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रूट डायवर्जन के निर्देशों का पालन कराते हुए बड़े वाहनों को शहर में नहीं आने दिया गया। हर मार्ग पर यातायात पुलिस मोर्चा संभालती रही, जिससे किसी तरह की दिक्कत न होने पाए।