जिला पंचायत सदस्यों के उत्पीड़न के खिलाफ सोमवार को सांसद अपने समर्थकों के साथ डीएम और एएसपी से मिले। अधिकारियों के सामने 16 सदस्यों की मौजूदगी के साथ आठ सदस्यों के प्रतिनिधियों के पत्र भी सौंपे। सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर जिला पंचायत सदस्यों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो वह भी इसका करारा जवाब देंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की घोषणा के बाद से ही सपा और भाजपा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि पुलिस बेवजह उनके घर जाकर परेशान कर रही है। अपहरण के लिए तहरीर देने की बात कह रही है। ऐसा न करने पर फर्जी मुकदमे में जेल जाने की धमकी से भी बाज नहीं आ रही है।
वहीं सपा ने पिछले दिनों जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण की बात कर भाजपा पर भी आरोप लगाया था। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच सोमवार को डेढ़ बजे सांसद पंकज चौधरी भारी समर्थकों के साथ एसपी आफिस पहुंचेे। एसपी की अनुपस्थिति में एएसपी हरगोविंद की मौजूदगी में 16 जिला पंचायत सदस्यों ने एएसपी को पत्र थी दिया। इसके अलावा आठ जिला पंचायत सदस्यों के घर वाले व प्रतिनिधि आए थे।
पत्र में लिखा गया है कि वे भाजपा के साथ हैं। उन्हें और उनके घर वालों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। वहां से सांसद डीएम आफिस पहुंचे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग हाल में सांसद पहुंचने पर डीएम ने मुलाकात की। सांसद ने वहां भी जिला पंचायत सदस्यों के उत्पीड़न की बात उठाई और 24 सदस्यों की लिस्ट डीएम को सौंपी। कहा कि पुलिस इन्हें परेशान कर रही है।
जिस पर डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया कि निष्पक्ष चुनाव होगा और सभी सदस्यों को सुरक्षा दी जाएगी। बेवजह उनके घर पुलिस नहीं जाएगी। जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ल, पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, अजय कुमार श्रीवास्तव, संतोष सिंह, जयमंगल कन्नौजिया, कृष्णगोपाल जायसवाल, राजेश मद्देशिया, हियुवा के जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय कार्यकर्ता मौजूद थे।