महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को उद्योग बंधु समिति एवं औद्योगिक इकाइयों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी जैसी रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,700 के लक्ष्य के सापेक्ष 3,026 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें 1,009 स्वीकृत कर 938 को ऋण वितरित किए गए हैं। हालांकि, लंबित आवेदनों की संख्या पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और बैंकों को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिलाधिकारी ने 17 अक्टूबर को पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित स्वदेशी मेले में ऋण मेला आयोजित कर अधिकतम ऋण स्वीकृति सुनिश्चित करने को कहा। जिले की विकास रैंकिंग में गिरावट पर असंतोष जताते हुए उन्होंने बैंकों को 18 अक्तूबर तक प्रगति नहीं सुधारने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 160 के लक्ष्य के सापेक्ष 143 आवेदन भेजे गए, इनमें से 75 स्वीकृत कर 66 को ऋण वितरित किए गए। ओडीओपी योजना में 26 के लक्ष्य के सापेक्ष 47 आवेदन भेजे गए। इनमें से 23 स्वीकृत कर 15 को ऋण वितरित किए गए। जिलाधिकारी ने आवेदनों के निस्तारण में देरी पर नाराजगी जताई। व्यापार बंधु की बैठक में जिलाधिकारी ने जीएसटी पंजीयन बढ़ाने का निर्देश दिया। जीएसटी पंजीयन से व्यापारियों को मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना योजना के तहत 10 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। उपायुक्त राज्यकर को व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समन्वय स्थापित करने और जीएसटी रिफॉर्म का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए दुकानों पर घटी दरों की सूची प्रदर्शित करने का निर्देश दिया।
बैठक में उद्यमियों और व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, उपायुक्त राज्यकर हरिशंकर प्रसाद, सहायक आयुक्त और व्यापारी फूल चंद अग्रवाल, प्रमोद जायसवाल, सुरेश रूगंटा, पशुपतिनाथ गुप्ता, श्रीकृष्ण जायसवाल, आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारी और उद्यमी उपस्थित रहे।