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Maharajganj News: डिजिटल हो रहा जिला कारागार, ऑनलाइन पहुंचेगे आदेश-निर्देश

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ई-ऑफिस प्रभावी करने की दिशा में कार्य प्रारंभ
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जमानत होते ही मिलेगी निरुद्ध कैदियों को रिहाई
महराजगंज। डिजिटल भारत अभियान का दायरा बढ़कर जिला कारागार की दहलीज पर पहुंच गया है। ई-ऑफिस प्रणाली सक्रिय करने के आदेश के तहत जिला कारागार में व्यवस्था विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। मई महीने के अंत तक व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
आने वाले दिनों में जिला कारागार का कामकाज पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा और यहां आदेश-निर्देश ऑनलाइन पहुंचेंगे। इस बदलाव से कारागार में निरुद्ध कैदियों की जमानत उसी तिथि में संभव होगी जिस तिथि में अदालत आदेश जारी करेगी। डिजिटल भारत अभियान के तहत सभी सरकारी गैरसरकारी कार्यालयों को डिजिटल करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली विकसित कराई गई है। इस व्यवस्था ने कामकाज को आसान बनाकर प्रक्रिया में लगने वाला समय भी घटाया है। अब यह डिजिटल मुहिम जिला कारागार तक पहुंची है जहां 12 से 15 लाख की अनुमानित लागत से नेशनल इनफार्मेटिक सर्विस को जिम्मेदारी दी गई है।
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12 से 15 लाख से स्थापित होंगे उपकरण
कारागार में ई-ऑफिस व्यवस्था को विकसित करने में अनुमानित लागत 12 से 15 लाख खर्च होंगे। मौजूदा समय के शुरुआती चरण में कुल सात डेस्कटॉप मॉनिटर, डाटा फिक्वेंसी, अपडेशन साफ्टवेयर, राउटर की डिमांड की गई है। इसे व्यवस्थित होने के बाद योजना का दूसरा चरण प्रभावी होगा जिसमें अन्य जरूरी इंतजाम कराए जाएंगे।
बदलेगा दस्तूर
कारागार में निरुद्ध कैदियों की जमानत, रिहाई व अन्य प्रशासनिक निर्देश कारागार में न्यायालय, पुलिस या प्रशासनिक विभाग के पैरोकार लगाने पड़ते थे। गंभीर मामलों में त्वरित संदेश पहुंचाना जरूरी हो तब भी इस तरह की व्यवस्था में समय लगता था। आदेश प्रति जब तक कारागार नहीं पहुंचे जमानत या रिहाई आदेश के बाद भी निरुद्ध कैदी डाक पहुंचने का इंतजार करते थे। लेकिन ई-आफिस प्रभावी होने से प्रशासनिक आदेश, पत्राचार, शासन प्रशासन से जारी अन्य आदेश संबंधित दस्तावेज तुरंत ही ऑनलाइन पहुंचेंगे। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता के साथ कैदियों की ट्रैकिंग भी आसान होगी।
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वर्जन
जिला कारागार में ई-ऑफिस प्रणाली शासन के निर्देश पर विकसित कराए जा रहे। पहले चरण के लिए सात डेस्कटॉप मॉनिटर, सीपीयू, प्रिंटर, हाईस्पीड इंटरनेट राउटर इत्यादि के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। अन्य जो जरूरी संसाधन कार्यदायी संस्था बताएगी मंगाया जाएगा। मई के अंत तक इसे प्रभावी करने के निर्देश हैं।
-बीके गौतम, अधीक्षक, जिला कारागार, महराजगंज
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