अनुपस्थित बैंकों की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाएगी
महराजगंज। 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने को लेकर मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जनपद न्यायाधीश एवं प्रभारी नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत संजय मिश्रा ने की। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना है।
बैठक में प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्री-लिटिगेशन स्तर पर अधिक मामलों के निस्तारण को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से ऋण वसूली से जुड़े मामलों का त्वरित एवं सुलभ समाधान संभव है, इसलिए सभी संबंधित संस्थाएं सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण समस्याएं सामने आईं। बताया गया कि व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद कई बैंक समय से नोटिस उपलब्ध नहीं कराते हैं। साथ ही, कुछ बैंकों द्वारा निर्धारित प्रारूप का पालन नहीं किया जा रहा है। कई मामलों में नोटिस पर पक्षकार का थाना और मोबाइल नंबर अंकित नहीं होता, जिससे नोटिस की तामीला प्रभावित होती है। इसके अलावा बैंक और कार्यालय के बीच समुचित समन्वय की कमी भी देखने को मिली।
प्रभारी सचिव ने सभी बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने लंबित मामलों का चिह्नांकन कर अधिक से अधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित नोटिस शीघ्र तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में उपलब्ध कराएं, ताकि उनकी समयबद्ध तामीला सुनिश्चित हो सके। बैठक में केवल पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि ही उपस्थित रहे, जबकि अन्य बैंक अनुपस्थित पाए गए।
इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रभारी नोडल अधिकारी ने कहा कि अनुपस्थित बैंकों की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। अंत में प्रभारी सचिव ने जनपदवासियों से अपील की कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों का निस्तारण कर इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं।