सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार को बाजार गई पत्नी को फंदा लगाने की बात का वीडियो भेज एक युवक ने जान दे दी। जबतक पत्नी घर पहुंची युवक की जान जा चुकी थी। दिल को झकझोर देने वाले इस मामले में अपनों से सीधे दर्द बयां न कर सोशल मीडिया पर अपनी तकलीफ साझा कर युवक ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
सोशल मीडिया पर मौज-मस्ती, लोगों की नजराें में आने और पैसे कमाने के लिए न सिर्फ फोटो और वीडियो शेयर किया जा रहा है बल्कि मन की भड़ास निकाल घातक कदम उठाने तक की बातें सामने आ रही हैं। अब यह सिर्फ कुछ मामलों तक सीमित नहीं है बल्कि इन दिनों यह सभी की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है, जहां लोग अपनों से सीधी बात तक करने से कतरा रहे हैं।
साइबर एक्सपर्ट और मनोविज्ञानी पोस्ट के शब्द और चेतावनी को देखते हुए गंभीर होने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि जो व्यक्ति सीधे तौर पर अपनी बात नहीं कह पा रहा है। वह सोशल मीडिया को माध्यम बना रहा है।
ऐसे में परिवार या जानने वाला कोई व्यक्ति अगर गंभीर पोस्ट सोशल मीडिया पर करता है तो तत्काल पुलिस को जानकारी दें और प्रयास करें कि खुद उससे बात की जाए जिससे घटना को रोका जा सके।
स्मार्ट समय के साथ बदला बात रखने का तरीका : समय में तेजी से हो रहे बदलाव के इस दौर में हर हाथ में स्मार्टफोन है। सभी ऑनलाइन खरीदारी और पेमेंट के साथ ही सोशल मीडिया का घंटों इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके सकारात्मक के साथ नकारात्मक प्रभाव भी हैं।
अच्छी हों या बुरी चंद मिनटों में ही पोस्ट देखते ही देखते ही वायरल हो जा रही हैं। इन पर न सिर्फ पुलिस और जांच एजेंसी की नजर है बल्कि, इन एप को संचालित करने वाली कंपनियां भी इस पर नजर रखे हुए हैं। गंभीर और देश के लिए खतरा पैदा करने या माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट की जानकारी सीधे पुलिस मुख्यालय और संबंधित जनपद के संबंधित थाने तक भेजी जा रही है। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस न सिर्फ लोगों की जान बचा रही है बल्कि बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में रहने वालों पर शिकंजा भी कस रही है।