सिद्धार्थनगर। सुबह का समय। शहर के बांसी तिराहे पर ऑटो और ई-रिक्शा की कतार। स्टेशन और रोडवेज जाने वाले मार्ग पर वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ने को मजबूर। मेडिकल कॉलेज में ओपीडी मार्ग पर खड़े वाहनों के बीच से रास्ते की तलाश करते मरीज और तीमारदार। रोडवेज परिसर में धूप और बारिश से बचने के लिए जगह और छांव की तलाश करते यात्री।
यह हकीकत है शहर की। नागरिक सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए निकली संवाद न्यूज एजेंसी की टीम की पड़ताल में यह तस्वीरें सामने आईं। प्रमुख स्थानों पर व्यवस्था के दावे बेदम दिखे तो वहीं अतिक्रमण से यातायात प्रभावित होने के साथ पार्किंग और जलनिकासी की कमी भी दिखी, जिससे लोग परेशान नजर आए। बांसी तिराहा और स्टेशन मार्ग पर अतिक्रमण बना मुसीबत : शहर के प्रमुख बांसी तिराहे पर ऑटो चालकों का सड़क पर कब्जा नजर आया। इसकी वजह से शहर में जाम की स्थिति देखी गई। लोग बोले कि ऑटो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्थान न होने से चालक सड़क पर ही वाहन खड़ा करते हैं। इससे मार्ग संकरा हो जाता है और जाम के हालात होने से राहगीरों को परेशानी होती है। रेलवे स्टेशन और रोडवेज जाने वाले मार्ग पर भी अतिक्रमण की वजह से आए दिन जाम की स्थिति रहती है। कुछ ने कहा कि बाहर से आने वाले यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने और वहां से निकलने में काफी समय लग जाता है।
स्टेशन परिसर में भी अतिक्रमण : रेलवे स्टेशन परिसर के आसपास ऑटो और ई-रिक्शा का जमावड़ा रहता है। यात्रियों के आने-जाने वाले रास्ते पर वाहन खड़े होने से आवागमन प्रभावित होता है। स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को सामान लेकर निकलने में भी परेशानी हो रही है।
विकास भवन और लोहिया कला भवन मार्ग पर भर जाता है पानी : शहर के विकास भवन मुख्य मार्ग और लोहिया कला भवन जाने वाले रास्ते पर हल्की बारिश में ही जलभराव की स्थिति बन जाती है। सड़क पर पानी भर जाने से राहगीरों को परेशानी होती है। मानसून की अच्छी बारिश से पहले जलनिकासी की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।