महराजगंज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के कथित अधिवक्ता विरोधी व्यवहार और अवमानना की कार्रवाई के विरोध में सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। बार सभागार में जुटे अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।
27 और 28 अक्तूबर को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरेंद्र मिश्रा और महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी के नेतृत्व में आमसभा की बैठक हुई। बैठक में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के कथित व्यवहार पर नाराजगी जताई गई। अध्यक्ष ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा जरूरी है। महामंत्री ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्षता और समानता का सिद्धांत सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने मामले में स्वतंत्र न्यायिक आयोग गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि अधिवक्ताओं के खिलाफ अवमानना या उत्पीड़न की अन्य कार्रवाई की गई तो विरोध आंदोलन का रूप ले सकता है। साथ ही वादकारियों के हितों की सुरक्षा के लिए मांग पत्र जिला जज अरविंद मलिक को भेजा गया।
बैठक में पूर्व अध्यक्ष शंभू शरण पांडेय, धर्मेंद्र त्रिपाठी, हमीदुल्लाह खान, नरेंद्र श्रीवास्तव, जितेंद्र सिंह, रमेश मिश्र, अनूप सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, वशिष्ठ मिश्र, संतोष पटेल, सुरेंद्र सिंह गांधी, महताब, अभिजीत सिंह, हरेंद्र मिश्र, कैलाश अग्निहोत्री, कौशल किशोर पांडेय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।