महराजगंज। जिला अस्पताल में डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सोमवार को संक्रामक रोग वार्ड में 26 बेड पर 30 मरीज भर्ती रहे। इसमें डायरिया के 15 तो बुखार के 10 एवं उल्टी-दस्त के पांच मरीज भर्ती हैं।
इन सभी का इलाज हो रहा है। ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल में रोजाना ऐसे करीब 100 मरीज पहुंचते हैं जो पेट दर्द, डायरिया, बुखार, टायफाइड आदि से पीड़ित होते हैं। दूषित पानी के कारण टाइफाइड के रोगियों की संख्या बढ़ी है। डॉ. वैभव ने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। बीमारी की मुख्य वजह बासी, बाजार का तला-भुना, तेज मसालेदार चीजें हैं। उल्टी और दस्त होने से मरीज के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में भर्ती करने की जरूरत भी पड़ती है।
जिला अस्पताल के संक्रामक रोग वार्ड में सोफड़ा गांव की रेशमा ने बताया कि छह सात की बेटी आलिया और चार साल के बेटे आफताब को भर्ती कराई हूं। दोनों को बुखार, उल्टी हो रहा था। अब इलाज के बाद आराम मिला है। भैया फरेंदा केशभान ने बताया कि चार साल की बेटी सरस्वती भर्ती है।
उसे बुखार के साथ ही झटका आ रहा है। रजवल की चंद्रावती देवी ने बताया कि 10 माह का बेटा अनुज भर्ती है। उसे सांस फुलने की समस्या है। जोगिया गांव की सपना ने बताया कि 13 माह का बेटा विनायक भर्ती है। उसे उल्टी और झटका आ रहा है। इलाज के बाद आराम मिला है।
सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। ओपीडी से लेकर भर्ती मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है।