नेपाल के त्रिवेणी नदी में स्नान करने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
महराजगंज। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने नदियों में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद दान-पुण्य किया। त्रिमुहानी, बालाक्षत्र घाट, बैकुंठ धाम, नेपाल त्रिवेणी सहित कई घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
मौनी अमावस्या पर घुघली के बालाक्षत्र घाट, बैकुंठधाम, त्रिमुहानी घाट, कोटवा, टेढवा आदि घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने नदी में आस्था की डुबकी लगाई। घुघली प्रतिनिधि के अनुसार, छोटी गंडक के बैकुंठी घाट पर मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने नदी में आस्था की डुबकी लगाई और परंपरा के अनुरूप स्नान-ध्यान व दान कर पुण्य के भागी बने।
इस दिन पवित्र नदी का स्नान, दीपदान, भगवान की पूजा, आरती, हवन और दान का बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
बैकुंठ धाम, बाला क्षत्र घाट त्रिमुहानी घाट आदि स्थानों पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिए भारी भीड़ लगी रही। घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, स्नान को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा गया।
मौनी अमावस्या का महत्व माघ के महीने को हिंदू धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना गया है। इस मास के हर दिन को स्नान-दान के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है, लेकिन माघ मास के ठीक मध्य में अमावस्या के दिन का तो विशेष महत्व है।