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Maharajganj News: अफसरों के फरमान के बावजूद कोडिन युक्त सिरप की जांच पड़ी सुस्त

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महराजगंज। कोडीनयुक्त सिरप आपूर्ति के मामले में अन्य जिलों में जांच तेज है लेकिन महराजगंज में इसका असर नहीं दिख रहा है। यह हाल तब है जबकि एसटीएफ और ड्रग कंट्रोल विभाग की जांच में सामने आ चुका है कि महराजगंज में बड़े पैमाने पर कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई हुई है। जनपद के कुछ धंधेबाजों को सूचीबद्ध कर उनके खरीद-बिक्री की जांच करने का मामला भी प्रकाश में आया था। आशंका जाहिर की गई थी कि यहां भी करोड़ों का माल खपत हुआ है।
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उच्चाधिकारियों का फरमान आने के बाद भी जिले में जांच अभियान बेअसर है। जबकि अधिकारी जांच जारी होने का दावा कर रहे हैं। महराजगंज नेपाल बार्डर से सटा होने के कारण नशीली दवाओं की तस्करी का धंधा यहां पर होता है। नशे की सस्ती डोज होने के कारण इसकी खपत अधिक होती है। नेपाल के युवा इसे अधिक पसंद करते हैं। जिले में कोडीनयुक्त सिरप आपूर्ति के जांच की जिम्मेदारी औषधि निरीक्षक को मिली है।
महराजगंज जिले का प्रभार कुशीनगर के डीआई को मिला है। रोस्टर के हिसाब से वह तीन दिन इस जिले में रहते हैं। सूत्र बताते हैं कि कोडीनयुक्त सिरप की आपूर्ति सिसवा, निचलौल और नौतनवा क्षेत्र में हुई है। जांच की सूची में वहां के कारोबारियों का नाम शामिल होने की आशंका है। सूत्रों की मानें तो औषधि निरीक्षक की ओर से इतनी महत्वपूर्ण जांच में सुस्ती बरतने को लेकर संदेह बढ़ रहा है। जांच आगे बढ़ती तो पता चलता कि कौन से और कहां के कारोबारियों ने कितनी मात्रा में कोडीनयुक्त सिरप मंगाया है। लेकिन अभी यह रहस्य बना हुआ है। नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर नेपाल सीमा हमेशा सुर्खियों में रहता है। गुजरे वक्त में क्षेत्र में दवाओं की बरामदगी को लेकर बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है।
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नियम के अनुसार कोडीनयुक्त सिरप की बिक्री पर रोक नहीं है लेकिन इसकी अधिक मात्रा में आपूर्ति ने विभाग की मुश्किल को बढ़ा दी है। अधिक मात्रा में आपूर्ति होने के कारण इसका प्रयोग नशे में होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसी वजह से बिक्री का पूरा रिकॉर्ड खंगालने का निर्देश दिया गया है।
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