महराजगंज। जिला मुख्यालय को रेलमार्ग से जुड़ने की राह आसान हो गई है। रेलवे ट्रैक के लिए डिजाइन बनाकर रेल मंत्रालय को उसकी वास्तविक कापी भेज दी गई है। पिलर लगाने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इससे जुड़े अन्य कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि अधिसूचना जारी होने से पहले शिलान्यास हो जाएगा। अब तक 38 किसानों को मुआवजा मिल चुका है।
जानकारी के अनुसार, रेल मंत्रालय ने आनंदनगर-घुघली नई रेल लाइन को मार्च 2019 में ही मंजूरी दे दी थी। 50 किमी नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे कार्य भी पूरा कर रेलवे बोर्ड को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भेज दी गई थी। चौतरवा, पकड़ी नौनिया, महराजगंज, शिकारपुर व हरपुर में स्टेशन और घुघली स्टेशन जंक्शन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया।
पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) को आनंदनगर-महराजगंज-घुघली के रूप में नया वैकल्पिक रेलमार्ग मिल जाएगा। इससे जहां आम लोगों की राह आसान तो वहीं गोरखपुर जंक्शन का दबाव भी कम हो जाएगा। गोरखपुर-गोंडा-नरकटियागंज के रास्ते बिहार और असम आदि से दिल्ली और पंजाब के बीच चलने वाली मालगाड़ियों का संचालन घुघली-आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते शुरू हो जाएगा। रास्ते में बिना रुके मालगाड़ियां चलेंगी, यात्री ट्रेनों का समय पालन भी और दुरुस्त हो जाएगा।
भूमि अध्याप्ति अधिकारी मदन मोहन वर्मा ने बताया कि जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पहले चरण का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।