सात सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को राजस्व संग्रह अमीन संघ कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया तथा प्रमुख सचिव राजस्व विभाग उत्तर प्रदेश शासन के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
अध्यक्ष जगजीवन पटेल ने कहा कि मांगों के समर्थन में पूर्व में प्रेषित प्रत्यावेदनों पर कोई कार्रवाई न किए जाने से संवर्गीय सदस्यों से उपजे आक्रोश के बाद 29 जून को प्रदेश की समस्त तहसीलों में। 25 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर धरना और 13 अगस्त को कर्मचारी प्रेरणा स्थल लखनऊ में विशाल धरना और ज्ञापन दिया गया था। मांगों पर कार्रवाई न होने की दशा में छह व सात दिसंबर को प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार किया गया। इसके बावजूद मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने मांगों को बताते हुए कहा कि सामयिक के रूप में की गई सेवाओं को जोड़कर सेवा लाभ, सेवानिवृत्तिक लाभ प्रदान किया जाए। संवर्ग का ग्रेड वेतन 2000 से बढ़ाकर 2800 किया जाए। संवर्ग की शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए पदोन्नति व्यवस्था पूर्व की भांति नायब तहसीलदार के पद पर बहाल की जाए। वर्तमान व्यवस्था की खामी को दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि संवर्ग का पद नाम परिवर्तित कर राजस्व संग्रह अधिकारी किया जाए। वसूली मानक को पूर्णत: समाप्त करते हुए समस्त संबंधित की जवाबदेही तय की जाए। नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर मोटर साइकिल भत्ता प्रदान किया जाए। पात्र समस्त संग्रह अमीनों को द्वितीय प्रोन्नति वेतनमान प्रदान किया जाए।
इस दौरान उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, उप मंत्री विजय कुमार शुक्ल, संगठन मंत्री योगेंद्र कुमार, विश्वनाथ सिंह, सुरेंद्र कुमार कुशवाहा, नवीन मणि के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।