तीस हजार मानदेय करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी समायोजन से वंचित शिक्षा शिक्षामित्रों ने मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना तीसरे दिन जारी रहा।
आर्दश शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हरिकेश चन्द्र पाठक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मंशा के अनुरूप समान कार्य समान वेतन को ध्यान में रखते हुए सूबे की सरकार को अविलंब असमायोजित शिक्षामित्रों का मानदेय वृद्धि करते हुए तीस हजार प्रतिमाह कर दिया जाए। सरकार अगर समय रहते इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि शिक्षा मित्र संगठन अपने एकता के दम पर पूरे सूबे ही नहीं, बल्कि पूरे देश को अपनी ताकत का एहसास कराया है। ऐसे में सरकार जल्द ही असमायोजित शिक्षा मित्रों की मांग पर विचार नहीं करती है तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। राजेश प्रजापति ने कहा कि समायोजित शिक्षा मित्र किसी भी दिशा में असमायोजित मित्रों के साथ है। रुद्र प्रताप शर्मा ने कहा कि सरकार कोर्ट का हवाला देकर समायोजन से किनारा बना रही है। लेकिन मानदेय वृद्धि में कोर्ट का कोई दबाव नहीं है।
इस दौरान रविन्द्र यादव, महेन्द्र वर्मा, चन्द्रशेखर, टुनटुन मिश्रा, सविता सिंह, महेश सिंह, दिनेश कुमार ओझा, जितेन्द्र मिश्र के अलावा तमाम शिक्षा मित्र उपस्थित रहे।