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Maharajganj News: दिल्ली पुलिस का वांछित आरोपी सोनौली सीमा पर गिरफ्तार

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सोनौली। भारत-नेपाल सीमा पर आव्रजन अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आव्रजन कार्यालय पर पासपोर्ट की जांच के दौरान युवक के दिल्ली पुलिस का वांछित होने की जानकारी मिली। पता चला कि उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी है। स्थानीय पुलिस ने दिल्ली पुलिस को जानकारी दे दी गई है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर युवक को उन्हें सौंप दिया जाएगा।
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सोमवार सुबह सोनौली स्थित आव्रजन कार्यालय के अधिकारी भारत-नेपाल सीमा से आने-जाने वाले यात्रियों के दस्तावेजों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान नेपाल से भारत आने वाले एक युवक के पासपोर्ट का विवरण सिस्टम में दर्ज करते ही उसके विरुद्ध दिल्ली पुलिस द्वारा जारी लुक आउट नोटिस का अलर्ट मिला। इसके बाद आव्रजन अधिकारियों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी और युवक को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में उसकी पहचान मनीष चौहान, निवासी महुआ खेड़ा गंज, जनपद ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी करीब दो वर्ष पहले दिल्ली से थाईलैंड चला गया था। हाल ही में वह थाईलैंड से काठमांडू पहुंचा और नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने के लिए सोनौली सीमा पर आया, जहां इमीग्रेशन जांच के दौरान वह पकड़ा गया।
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जांच में पता चला कि उसके विरुद्ध दिल्ली पुलिस में आपराधिक षड्यंत्र, मानव तस्करी, विश्वासघात, धोखाधड़ी और धमकी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ इमीग्रेशन एक्ट की धारा 10/24 के तहत भी कार्रवाई दर्ज है जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने लुक आउट सर्कुलर जारी किया था।

कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस को सौंपेंगे
दिल्ली पुलिस के वांछित आरोपी मनीष चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी गई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
महेंद्र कुमार मिश्रा, कोतवाल, सोनौली

जानिए यह भी
एएसपी सिद्धार्थ लुकआउट नोटिस एक आधिकारिक चेतावनी पत्र है जिसका उपयोग कानून प्रवर्तन एजेंसियां देश की सीमाओं पर किसी व्यक्ति की आवाजाही को रोकने या उस पर नजर रखने के लिए करती हैं। इसे मुख्य रूप से हवाई अड्डों और बंदरगाहों जैसे आव्रजन जांच केंद्रों पर लागू किया जाता है। जब कोई अपराधी कानून की पकड़ से बचने के लिए देश छोड़कर भागने की कोशिश करता है या फिर जब कोई संदिग्ध व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं करता है तब नोटिस जारी की जाती है। इसके अलावा वित्तीय धोखाधड़ी, बैंक लोन घोटाला या मनी लॉन्ड्रिंग मामलों के आरोपियों के विदेश जाने पर रोक लगाने के लिए में पुलिस या एजेंसियां लुकआउट नोटिस जारी करती हैं।
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