जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।
महराजगंज। मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, उल्टी व दस्त के मरीज बढ़े हैं। सर्वाधिक समस्या वायरल फीवर में प्लेटलेट्स घटने की सामने आ रही है। वायरल फीवर के 10 मरीजों की जांच में प्लेटलेट्स घटने के पीछे डेंगू नहीं बल्कि वायरल का ही नया वैरिएंट पाया गया है। यह तेजी से प्लेटलेट्स घटा रहा है। डॉक्टरों ने सुझाव देते हुए कहा कि खान-पान सुधारकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
चिकित्सकों का कहना है कि घबराने जैसी बात नहीं है क्योंकि प्लेटलेट्स वायरल से इतने न्यून नहीं होंगे कि रोगी को किसी तरह की असुविधा हो। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 865 रोगियों का उपचार हुआ। अधिकतर रोगी वायरल और डायरिया से पीड़ित मिले। 10 बुखार पीड़ित ऐसे रोगी मिले जो बुखार के बीच घटते प्लेटलेट्स से चिंतित होकर पहुंचे थे। इन मरीजों को आशंका थी कि कहीं उनका बुखार डेंगू तो नहीं जो प्लेटलेट्स घटा रहा है। डॉक्टरों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उनकी चिंता का समाधान कर दिया। डाॅ. रंजन ने ऐसे रोगियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर इसे वायरल का एक नया वैरिएंट बताते हुए कहा कि नया वैरिएंट प्लेटलेट्स को प्रभावित कर रहा है। प्लेटलेट्स की कमी का सबसे बड़ा खतरा आंतरिक रक्तस्राव है, इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। राहत की बात यह है कि प्लेटलेट्स इतने कम नहीं हो रहे हैं कि रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हो सके। ऐसा डेंगू के मरीजों के साथ ही होता है। बुखार में खानपान पर ध्यान नहीं देने पर शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है तो प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं। ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है। वायरल पीड़ित सिर्फ खानपान पर ध्यान देकर इसे नियंत्रित कर सकते हैं। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि समय-समय पर बीमारियों का स्वरूप विभिन्न कारणों से बदलता है। वायरल फीवर का नया वैरिएंट कुछ ऐसा ही है जो प्लेटलेट्स घटा रहा है।