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Maharajganj News: बहकावे में आकर बेटियां छोड़ रहीं घर, मुश्किल में परिवार

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एक ही दिन चार युवतियों ने छोड़ा घर, परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया केस
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संवाद न्यूज एजेंसी

महराजगंज/निचलौल। बहकावे में आकर बेटियों के घर छोड़ने की घटनाएं बढ़ गई हैं। हालंंकि, इश्क का जुनून इन्हें कहीं का नहीं छोड़ रहा है। ऐसी किशोरियों के आए दिन कहीं न कहीं जान देने की घटना भी सामने आ रही है। इससे परिवार को मुश्किल के दौर से गुजरना पड़ता है।

जानकारी के अनुसार, 27 अक्तूबर को कोल्हुई थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि नाबालिक बेटी को गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र के गांव का युवक ने झांसे में ले लिया। फिर बहला-फुसलाकर मुंबई ले गया।
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27 अक्तूबर को ही सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 15 अक्तूबर को नाबालिक बेटी को सिद्धार्थनगर जिले के जोगिया हरैया थाना क्षेत्र के एक गांव का युवक प्यार की झांसा देकर भगा ले गया।
27 अक्तूबर को पनियरा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि नाबालिक बेटी को गांव का ही युवक 25 अक्तूबर कोबहला फुसलाकर भगा ले गया। इसी दिन सिंदुरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की एक महिला ने पुलिस से बताया कि 23 अक्तूबर दोपहर करीब दो बजे नाबालिक बेटी को गांव का रहने वाला एक युवक बहला फुसलाकर साथ ले गया। युवक के परिजन से बेटी के बारे में जानकारी लेने पर वह लोग मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।

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भटक रहीं बेटियों को पढ़ाएं नैतिकता का पाठ
समाजशास्त्री निशा ओझा ने कहा कि अंधेरे की ओर बढ़ रहीं बेटियों को संवेदनशील बनाने की जरूरत है। युवाओं को भी सही मार्ग दिखाना चाहिए। यही हम सबके जीवन का दायित्व होना चाहिए। युवा पीढ़ियों को समय-समय पर दायित्वों के प्रति प्रेरित करते रहना चाहिए, ताकि युवा अवस्था में बेटियां और बेटे गलत रास्ते पर जाने से बच सकें।
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कोई भी कदम उठाने से पहले सोच लें
मनोवैज्ञानिक सत्येंद्र गुप्ता का कहना है कि प्यार में पड़ कर घर छोड़ने से पहले भविष्य के बारे में विचार कर लें। ऐसा न हो यह कदम आपके लिए मुसीबत बन जाए। ऐसा भी न हो कि हड़बड़ी में अपनी जिंदगी बर्बाद करने के साथ परिवार को भी मुश्किल में डाल दें। कोई भी कदम उठाने से पहले सोच लें कि क्या उसका परिणाम होगा।
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