महराजगंज/निचलौल। यूरिया खाद लेने में किसानों को समितियों पर परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं तस्करों को आसानी से खाद मिल जा रही है। इसे नेपाल भेजकर मोटी रकम बना रहे हैं।
रोजाना किसान डीएपी लेने के लिए समितियों पर पहुंच रहे हैं। सुबह समिति पर जाने के बाद खाद लेने में दोपहर हो जा रही है। किसानों की समस्याओं को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। दूसरी ओर बॉर्डर पर निगरानी बढ़ने से तस्कर मौका देखकर धंधा कर रहे हैं।
सूत्रों की माने तो कुछ चिह्नित लोगों को आसानी से खाद उपलब्ध हो जा रही है। इसे वे नेपाल भेजकर मोटी रकम बना रहे हैं। साइकिल और बाइक से समय देखकर सरहद पार कर दे रहे हैं। खतौनी, आधार कार्ड व अंगूठा लगाकर खाद समितियों पर खेल हो रहा है। किसानों को प्रति बोरा 100 रुपया अधिक देकर मौके पर ही धंधेबाज खाद लेकर चले जा रहे हैं। इस खेल में कैरियर में शामिल हैं।
बुधवार को क्षेत्र के टिकुलहिया स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड पर डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ी थी। किसान कतार में खड़े होकर खाद लेने के लिए खतौनी और आधार कार्ड की फोटो कॉपी सचिव को देकर फिंगर लगा रहे थे। समिति में मौजूद किसान सुबास, कमलेश, राजेश आदि ने बताया कि वह लोग सुबह से ही डीएपी खाद लेने के लिए समिति पर पहुंचे थे, लेकिन होने होने के चलते अभी तक उन्हें खाद नहीं मिल सका है।
वहीं सचिव जितेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि समिति पर 200 बोरी खाद आई थी। इसे प्रक्रिया के तहत किसानों में वितरण किया जा रहा है। समिति के गोदाम में यूरिया खाद की 700 बोरी उपलब्ध है। समिति पर पहुंचने वाले किसानों को खाद दिया जा रहा है। इन्होंने आगे बताया कि वह बढ़या गांव स्थित समिति का भी संचालन करते हैं। वहां भी 72 बोरी डीएपी खाद थी।
इसे सुबह ही किसानों में वितरण किया गया है। उक्त समिति पर भी 400 बोरी यूरिया खाद उपलब्ध है। हालांकि बैठवलिया स्थित समिति पर कोई मौजूद नहीं था। लोगों से बातचीत करने पर बताया कि कुछ दिन पहले यूरिया खाद का वितरण किया गया है। समिति पर अभी डीएपी खाद नहीं आई है। रूद्रौली गांव स्थित समिति के सचिव ने बताया कि समिति पर 300 बोरी डीएपी खाद आई थी। इसे किसानों में वितरण कर दिया गया है। हालांकि समिति पर अभी यूरिया खाद उपलब्ध है।
खाद मंगाने के लिए पैसा जमा करने की प्रक्रिया की जा रही है। जबकि अरदौना गांव स्थित समिति पर डीएपी खाद नहीं उपलब्ध है। गड़ौरा स्थित समिति के सचिव विक्की यादव ने बताया कि समिति पर आज 400 बोरी डीएपी खाद पहुंचा है। निर्देश मिलते ही प्रक्रिया के तहत किसानों में खाद का वितरण किया जाएगा। वहीं खरचौली गांव स्थित समिति के सचिव अमरेंद्र गिरी ने बताया कि 10 दिन पहले समिति पर 300 बोरी डीएपी खाद आई थी। जिसे वितरण कर दिया गया। वर्तमान में समिति पर डीएपी खाद नहीं उपलब्ध है। हालांकि यूरिया खाद मौजूद है। जानकारी के मुताबिक बार्डर के करीब ठूठीबारी गांव स्थित समिति पर भी डीएपी खाद उपलब्ध है। बेलवा गांव स्थित समिति पर डीएपी खाद नहीं पहुंचा है।
नेपाल में बेटी के घर भी खाद पहुंचाने के जुगत लोग
टिकुलहिया समिति पर खाद वितरण के दौरान खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ी हुई थी। वहीं उमस भरी गर्मी से परेशान होकर भीड़ से बाहर निकल राहत की सांस ले रहे एक शख्स ने दूसरे व्यक्ति से कहा कि अपनी खेती के लिए खाद तो मिल चुकी है, लेकिन नेपाल में बेटी के लिए भी खाद भेजनी है। इसी बीच दूसरे व्यक्ति ने कहा कि चिंता सता रही है। क्योंकि, बेटी की शादी नेपाल में हुई है। दामाद दिल्ली में हैं। बेटी अकेले घर पर है। समय से खाद नहीं पहुंची तो नेपाल में बेटी को खेती की रोपाई करने में समस्या होगी। पहले से ही खाद की व्यवस्था करनी पड़ रही है।