सीमावर्ती क्षेत्र में बरामद कपड़ा।
महराजगंज। भारतीय क्षेत्र से धंधेबाज कपड़ों की तस्करी कर रहे हैं। सूरत से सीधे सस्ते रेट पर साड़ी और लेडिस सूट मंगाया जा रहा है। नेपाल में इसकी अच्छी खासी मांग है।
इसी का फायदा धंधेबाज उठा रहे हैं। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से सीमावर्ती क्षेत्र में धंधेबाज अक्सर पकड़े जाते हैं। मोटी रकम बनाने के लिए सीमा शुल्क की चोरी कर पगडंडियों से कपड़ा भेज दिया जाता है।
जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को कस्टम विभाग नौतनवा ने सोनौली स्थित एक अवैध गोदाम में छापेमारी कर 22 बंडल कपड़ा बरामद कर सीज कर दिया था। इसी तरह 26 फरवरी को एसएसबी और पुलिस ने पिलर संख्या 519 नो मेंस लैंड के पास भारी मात्रा में साड़ी बरामद कर सीज कर दिया है। कपड़ा तस्करी की नेपाल ले जाने की योजना थी।
सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से पकड़ लिया गया था। भारत-नेपाल की खुली सीमा का लाभ उठाकर तस्कर आसानी से माल पार कर लेते हैं। इस समय कपड़ा तस्करी को लेकर नेपाल सीमा चर्चा में है। खुनुवा, हरदीडाली, फरेनिया, सोनौली, भगवानपुर, बरगदवा, परसामलिक, ठूठीबारी और झुलनीपुर आदि स्थानों से कपड़े की तस्करी बड़े पैमाने पर होने की चर्चा है। तस्कर भारतीय बाजारों को सस्ते दर पर कपड़ों को खरीदकर नेपाल पहुंचा रहे हैं।
गिरफ्त में सिर्फ कैरियर ही आ रहे हैं, जो हजार, पांच सौ रुपये के लिए काम करते हैं, जबकि इससे जुड़े धंधेबाज बेखौफ हैं।