महराजगंज। बॉर्डर में तस्करी आम बात है। यहां कपड़े का धंधा करोड़ों में होता है। नौतनवा कस्बे में तीन अवैध गोदाम में छापा पड़ा तो धंधेबाजों की पोल खुल गई। बगैर बिल वाउचर के तीन गोदाम से 36 बंडल रेडिमेड कपड़ा बरामद हुआ है।
इसे नेपाल भेजने के लिए रखा गया था। टीम को सूचना मिली तो त्वरित कार्रवाई की गई। बीते माह में अवैध गोदाम से कपड़े बरामद हुए थे। इधर, पुलिस प्रशासन की सख्ती से तस्करों में खलबली मच गई है। सूत्रों की माने तो भारत-नेपाल की खुली सीमा तस्करों के लिए मुफीद है। इस समय कपड़ा तस्करी को लेकर नेपाल सीमा चर्चा में है।
खुनुवा, सुंडी, सोनौली, भगवानपुर, ठूठीबारी, झुलनीपुर आदि स्थानों से कपड़े की तस्करी बड़े पैमाने पर चल रही है। तस्कर बगैर बिल बाउचर के भारतीय बाजारों से सस्ते दर पर कपड़ों को खरीदकर नेपाल पहुंचा रहे हैं। नेपाल में भारतीय कपड़े की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत से नेपाल कपड़े की तस्करी बढ़ी है।
पर्दे के पीछे तस्कर इस काम को कैरियरों के जरिए कर रहे हैं। तस्करी के लिए वे बाॅर्डर पर स्थित गांवों में सामान छुपाकर रख देते हैं और जब शाम होने लगती है तब नेपाल पहुंचा देते हैं। बाॅर्डर पर स्थित ग्रामीणों ने बताया कि तस्कर रात में अंधेरे का लाभ उठाकर नेपाल की ओर कपड़ों के गठ्ठर लेकर फरार हो जाते हैं।
नायब तहसीलदार नौतनवा सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि कपड़े को सीज कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को सौंप दिया गया है। तस्करों की तलाश की जा रही है।
नियमों के खेल में जुर्माना जमाकर छुड़ा लेते हैं सामान : कपड़ा सीज होने के बाद पुलिस कस्टम विभाग को सौंप देती है। कस्टम विभाग में जुर्माना जमा कर कपड़े को रिलीज करा लिया जाता है। इसके कारण वह कानूनी कार्रवाई से बच जाते हैं।
इसी कपड़े को अन्य पगडंडियों के रास्ते नेपाल भेज दिया जाता है। मार्च माह में पुलिस ने तीन अलग अलग अवैध गोदाम से कपड़ा बरामद कर सीज किया था।